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Uttarakhand Forest Fire: अब तक कुल 1633 हेक्टेयर जंगल जले, इस दिन से शुरू हो सकता है प्री मानसून... बादलों से राहत उम्मीद

Uttarakhand Forest Fire आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में सिर्फ राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में आग का मामला सामने आया। बताते हैं कि नवंबर 2023 से शनिवार दोपहर चार बजे तक राज्य में 1633 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो 12 जून के बाद प्री-मानसून की स्थिति बन सकती है। जिससे जंगलों में नमी की मात्रा बढ़ेगी।

By ganesh joshi Edited By: Nirmala Bohra Published: Sun, 09 Jun 2024 11:55 AM (IST)Updated: Sun, 09 Jun 2024 11:55 AM (IST)
Uttarakhand Forest Fire: शनिवार को आग का दायरा कम, सिर्फ राजाजी टाइगर रिजर्व में घटना

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: Uttarakhand Forest Fire: जून की शुरुआत से प्रदेश में जंगल जलने की घटनाओं में कमी आई है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि नवंबर 2023 से शनिवार दोपहर चार बजे तक राज्य में 1633 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। इस अवधि में राज्य की अलग-अलग जगहों पर आग के 1200 मामले सामने आ चुके हैं।

वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो 12 जून के बाद प्री-मानसून की स्थिति बन सकती है। जिससे जंगलों में नमी की मात्रा बढ़ेगी। साथ ही वन विभाग के संकट का दौर भी खत्म होगा। 31 मार्च तक उत्तराखंड में जंगलों की आग का दायरा कम होने से सिर्फ 32 हेक्टेयर जंगल ही चपेट में आया था। मगर हर बार की तरह अप्रैल में वनों के सुलगने का सिलसिला तेजी से बढ़ता चला गया। जिस वजह से काफी मात्रा में वन संपदा को नुकसान भी पहुंचा।

जीवों के आशियाने पर भी संकट के बादल

इसके अलावा वन्यजीवों के आशियाने पर भी संकट के बादल मंडराने लग गए। क्योंकि, गढ़वाल और कुमाऊं के आरक्षित वन क्षेत्र से वन्यजीव विहार जैसे सेंचुरी और टाइगर रिजर्व एरिया तक में घटनाएं सामने आईं। वहीं, शनिवार शाम अपर प्रमुख वन संरक्षक वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में सिर्फ राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में आग का मामला सामने आया। इस घटना में डेढ़ हेक्टेयर जंगल राख हो गया।

ऐसे में वन विभाग को मानसून के दौर से काफी उम्मीद है। 12 से 14 जून के बीच प्री मानसून की संभावना जताई गई है। जंगलों में नमी की मात्रा बढऩे पर ही जुलाई से पौधारोपण अभियान शुरू हो सकेगा।

अब तक के आंकड़े

  • गढ़वाल में 512 आग की घटनाओं में 674.055 हेक्टेयर जंगल को नुकसान
  • कुमाऊं क्षेत्र में 588 आग की घटनाओं में 829.68 हेक्टेयर जंगल जल चुका
  • वन्यजीव विहार से जुड़े क्षेत्रों में 100 मामलों में 129.28 हेक्टेयर जंगल जला

12-14 जून के बीच प्री मानसून की संभावना है, जबकि 20-25 जून के बीच मानसून आ सकता है। इस बार सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। -  आरके सिंह, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पंतनगर विवि


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