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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Bypoll : 31 मई को ईवीएम में कैद हो जाएगा उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री का भाग्य, आज शाम से थम जाएगा प्रचार का शोर

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Sun, 29 May 2022 01:30 PM (IST)

Champawat Bypoll चंपावत उपचुनाव के लिए आज शाम से प्रचार का शोर थम जाएगा। मतदान 31 मई को होंगे। जबक‍ि ...और पढ़ें

Uttarakhand Bypoll : 31 मई को ईवीएम में कैद हो जाएगा उत्तराखंड नए मुख्यमंत्री का भाग्य!
Uttarakhand Bypoll : 31 मई को ईवीएम में कैद हो जाएगा उत्तराखंड नए मुख्यमंत्री का भाग्य!

नैनीताल, जागरण संवाददाता : Champawat Bypoll : चंपावत उपचुनाव के लिए मतदान 31 मई को होंगे, जब‍क‍ि वोटों की गिनती तीन जून को होगी, उसी दिन नतीजे भी सामने आएंगे। निर्वाचन आयाेग ने इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। दूरस्थ केन्द्रों के लिए 16 पोलिंग पार्टियों को आज रवाना कर दिया गया। शेष 135 मतदान केंद्रों पर सोमवार यानी कल पोलिंग पार्टियां भेजी जाएंगी। आज शाम से प्रचार का शोर भी थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी सिर्फ डोर टू डोर प्रचार कर सकेंगे।

उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कुल चार प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं।कांग्रेस ने निर्मला गहतोड़ी को मैदान में उतारा है। जबकि सपा समर्थित मनोज उर्फ ललित भट्ट और निर्दल प्रत्याशी के तौर पर हिमांशु गड़कोटी ने ताल ठोंकी है। सपा प्रत्याशी को पार्टी की ओर से पत्र न मिलने के कारण उन्हें ऑटो रिक्शा और निर्दलीय प्रत्याशी हिमांशु को ब्लैक बोर्ड चिन्ह आवंटित किया गया है। आज शाम से प्रचार का शोर भी थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी सिर्फ डोर टू डोर प्रचार कर सकेंगे।

उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के लिए 15 फरवरी को हुए मतदान के 106 दिन बाद 31 मई को चंपावत दूसरी बार मतदान करेगा। चुनाव के लिए कुल 96213 वोटर मतदान करेंगे। जिनमें 46042 महिला और 50171 पुरुष वोटर शामिल हैं। इस सीट को पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी ने सीएम धामी के लिए छोड़ा है। वहीं कांग्रेस ने पार्टी से पांच बार प्रत्याशी रहे दो बार के विधायक हेमेश खर्कवाल की बजाय पहली बार महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। 

भाजपा चाहती है ऐतिहासिक जीत, कांग्रेस दे रही कड़ी टक्कर

चंपावत उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए काफी अहमियत रखता है। भाजपा जहां इस चुनाव को न सिर्फ जीतना चाहती है, बल्कि ऐतिहासिक विजय हासिल कर भविष्य की राजनीति तय करना चाहती है वहीं कांग्रेस भी कड़ी टक्कर देेने के मूड में है। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पार्टी हाई कमान ने संगठन में प्रदेश अध्यक्ष समेत नेता प्रतिपक्ष तक को बदल दिया था। ऐसे में कांग्रेस के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना है।

खटीमा में दाग को एतिहासिक विजय से धुलना चाहते हैं धामी

विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत लाने वाली भाजपा के सीएम पुष्कर सिंह धामी खटीमा सीट कांग्रेस के भुवन कापड़ी के हाथों हार गए थे। इसके बावजूद पार्टी हाई कमान ने उन पर विश्वास जताया और उन्होंने 23 मार्च को सीएम की दूसरी बार शपथ ली। 21 अप्रैल को चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया। दो मई को उपचुनाव की तिथि का एलान होने के बाद भाजपा ने चंपावत से धामी को प्रत्याशी बनाया। यह चुनाव सीएम धामी न सिर्फ जीतना चाहते हैं बल्कि एतिहासिक विजय हासिल कर पराजय की हार को धुलना चाहते हैं।

चंपावत सीट के अब तक निर्वाचित विधायक

वर्ष                              विजेता               पार्टी        वाेट             उप विजेता         पार्टी         वाेट

2002                          हेमेश खर्कवाल    कांग्रेस       8380           मदन महराना      निर्दलीय     7985

2007                          बीना महराना       भाजपा      22928         हेमेश खर्कवाल    कांग्रेस       15870

2012                          हेमेश खर्कवाल     कांग्रेस      20330         मदन सिंह महर   बसपा        13377

2017                          कैलाश गहतोड़ी    भाजपा     36601         हेमेश खर्कवाल    कांग्रेस       19241

2022                          कैलाश गहतोड़ी    भाजपा     32547       हेमेश खर्कवाल      कांग्रेस        27243

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