बागेश्वर, जागरण संवाददाता : उत्तराखंड क्रांतिदल के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट डीके जोशी ने कहा कि राज्य के जल, जंगल, जमीन के मुद्दे को लेकर आगामी आठ और नौ अक्टूबर को गरुड़ में बृहद सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, रोजगार आदि पर चर्चा की जाएगी।

सोममार को पर्यटक आवास गृह पर पत्रकार वार्ता में जोशी ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर राज्य बनाने की लड़ाई लड़ी गई थी, वही राज्य आज राजनेताओं और ब्यूरोक्रेसी के चुंगल में फंस चुका है। यही कारण है कि आए दिन घोटाले, भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। राज्य के जल, जंगल, जमीन, रोजगार, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित कर लोगों को पार्टी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उक्रांद को सशक्त बनाने के लिए जनता को आगे आना होगा। उक्रांद राज्य के ज्वलंत मुद्दों को जनता के साथ उठाकर जनता के बीच जाकर की नए सिरे से आंदोलन करेगी। राष्ट्रीय दलों ने जनता को मात्र वोट बैंक समझ कर उन्हें झूठे वादों एवं प्रलोभन देकर राज्य के स्वरूप को बदलने का काम कर रही है।

राज्य में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में जनसंख्या मानक ना होकर क्षेत्रफल होना चाहिए। जनता की सरकार जनता के बीच हो यह उक्रांद का विजन है। उक्रांद सलाहकार बोर्ड के सदस्य भुवन कांडपाल ने कहा कि राज्य में ब्यूरोक्रेसी के इशारे पर सरकारें चल रही है।

लगातार जनविरोधी नियम लागू कर राज्य की जनता को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। उक्रांद ही राज्य के मुद्दों की लड़ाई लड़ती है। आगे भी लड़ते रहेगी। इस दौरान रमेश कृषक, महेश पांडेय आदि मौजूद थे।

Edited By: Skand Shukla

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