हल्द्वानी, जेएनएन : तराई केंद्रीय वन प्रभाग की एसओजी ने जीवित पैंगोलिन (सल्लू सांप) के साथ तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपित के तार दिल्ली के तस्करों से जुड़े होने की जानकारी मिली है। वन विभाग की टीम जल्द उसे रिमांड पर लेकर नेटवर्क का पता लगाएगी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की एसओजी टीम के प्रभारी कैलाश तिवारी ने बताया कि शेड्यूल एक में शामिल पैंगोलिन तराई के जंगलों में काफी संख्या में पाया जाता है। इसके कवच (सल्क) को निकालकर चीन में तस्करी की जाती है। एसओजी को ऊधमसिंह नगर जिले के बेरिया दौलत, केलाखेड़ा निवासी कर्म सिंह के पैंगोलिन की तस्करी से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। इसलिए लंबे समय से उसकी घेराबंदी की कोशिश चल रही थी। शुक्रवार रात टीम ने गूलरभोज डैम के पास कर्म सिंह को पकड़ लिया और उसके पास से एक जिंदा पैंगोलिन भी बरामद किया, जिसका वजन करीब 25 किलो है। इससे छह से सात किलो सल्क निकाला जा सकता था।

जिंदा पैंगोलिन को खौलते पानी में डालकर निकाला जाता है सल्क

एसओजी प्रभारी ने बताया कि तस्कर का पैंगोलिन के सल्क को निकालने का तरीका काफी दर्दनाक है। जिंदा पैंगोलिन को खौलते पानी में डालते हैं। गर्म पानी में सल्क मुलायम होकर पैंगोलिन के शरीर से अलग हो जाती है। तस्कर से 20 हजार रुपये प्रति किलो में इसके बिकने का पता चला है। बरामद पैंगोलिन से तस्कर को करीब सात किलो सल्क निकलने की उम्मीद थी।

तस्कर के साथी की तलाश शुरू

एसओजी टीम को तस्कर के बरहैनी, बाजपुर में रहने वाले साथी के बारे में जानकारी मिली है। तस्कर के मुताबिक, बरहैनी में रहने वाले विनोद नाम के व्यक्ति से उसका संपर्क दिल्ली के तस्करों से हुआ था। शुक्रवार रात उसे गूलरभोज डैम के पास दिल्ली के तस्करों को डिलीवरी देनी थी। एसओजी ने विनोद की सुरागरसी शुरू कर दी है।

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Posted By: Skand Shukla

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