नैनीताल, जेएनएन। उत्तराखंड में अब सालाना तीन लाख आय वाले परिवारों को निःशुल्क कानूनी सहायता मिलेगी। इसके लिए वादकारी को तीन लाख तक की सालाना आय का प्रमाण पत्र अथवा हलफनामा विधिक सेवा प्राधिकरण को देना होगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के इस प्रस्ताव को सरकार में मंजूरी प्रदान कर दी है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव न्याय व विधि परामर्शी आलोक कुमार द्वारा शासनादेश जारी कर दिया है।

सोमवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रशांत जोशी ने प्रेस वार्ता में बताया कि पहले राज्य में एक लाख तक की सालाना आय वालों को मुफ्त कानूनी सहायता दी जाती थी। अब इस नियम में परिवर्तन कर दिया गया है। राज्य में पूर्व सैनिकों को भी मुफ्त कानूनी सहायता का निर्णय लिया गया है। जबकि महिलाओं व बच्चों को पहले से ही मुफ्त सहायता मिलती रही है। उन्होंने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आठ दिसंबर को हाईकोर्ट समेत जिला व तहसील अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह भी बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालतों में अब तक 113489 वाद संदर्भित हो चुके हैं।

छह दिसंबर तक वादकारी स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से मामले को नियत करा सकते हैं। जिलों में अब तक 2830 मामले नियत हो चुके हैं। इस अवसर पर प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी मो यूसुफ, प्रशासनिक अधिकारी रमाकांत श्रीवास्तव, चेतन रावत आदि मौजूद थे।

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Posted By: Skand Shukla

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