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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Birth Certificate : जन्म प्रमाण पत्र पर गलत हो गया नाम, तो संशोधित कराने में हो जाएंगे परेशान

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Thu, 18 Aug 2022 08:21 AM (IST)

How to change the name in birth certificate भारत सरकार ने 2015 में राज्य के सभी मुख्य रजिस्ट्रार को जारी ...और पढ़ें

Birth Certificate : आवेदक के प्रमाण पत्रों से रजिस्ट्रार के संतुष्ट होने पर नाम परिवर्तन किया जा सकता है।
Birth Certificate : आवेदक के प्रमाण पत्रों से रजिस्ट्रार के संतुष्ट होने पर नाम परिवर्तन किया जा सकता है।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : How to change the name in birth certificate : अगर जन्म के समय आपने बच्चे का नाम जन्म प्रमाण पत्र (birth certificate) पर सोच विचार कर नहीं दर्ज करवाया अथवा गलत लिखवा दिया है, तो बाद में बदलना या संशोधन कराना संभव नहीं होगा। जबकि राज्य सरकार की नियमावली में नाम बदलने का प्रवधान है। इसके बावजूद लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

कहीं से कोई समाधान बताने को तैयार नहीं है। यह स्थिति तब है, जब सीएम ने तमाम योजनाओं को सरल तरीके से पहुंचाने के लिए 17 नवंबर, 2021 को आपुणी सरकार पोर्टल (apuni sarkar portal) लांच किया था। विडंबना है कि पोर्टल में संशोधन का विकल्प ही नहीं है।

भारत सरकार ने 2015 में राज्य के सभी मुख्य रजिस्ट्रार को जारी गाइडलाइन में कहा है कि रजिस्टर रिकार्ड (register record) में नाम परिवर्तन की अनुमति नहीं है। फिर भी विधि मंत्रालय ने दोनों नामों के बीच में ऊर्फ लगाने की अनुमति दी है। इसके बावजूद विशेष परिस्थिति में नाम परिवर्तन को लेकर रजिस्ट्रार की ओर से विचार किया जा सकता है।

आवेदक के प्रमाण पत्रों से रजिस्ट्रार के संतुष्ट होने पर नाम परिवर्तन किया जा सकता है। अगर आवेदक ऊर्फ नाम से संतुष्ट नहीं होता है तो रजिस्टर में संशोधन की तिथि व दोनों नामों का उल्लेख किया जाए।

नियमावली में स्पष्ट तौर पर इस तरह की व्यवस्था के बावजूद आपुणी सरकार पोर्टल में संशोधन का विकल्प नहीं है। इस वजह से आए दिन लोग सीएससी केंद्रों से लेकर अस्पताल व नगर निगम से निराश लौटते हैं।

केस एक

रामपुर रोड निवासी अर्चना शुक्ला अपनी बेटी का नाम बदलना चाहती हैं। उनकी बेटी का जन्म डेढ़ साल पहले महिला अस्पताल में हुआ था। जब वह नाम परिवर्तन कराने गईं तो पहले मना कर दिया गया। बाद में पुराने व नए नाम के बीच में ऊर्फ लिखने के लिए बोला गया। जब नया नाम संशोधित के लिए गया गया तो एक्ट का हवाला देकर मना कर दिया गया।

केस दो

बरेली रोड की रहने वाली मनीषा भी अपने बेटे नाम में संशोधन करना चाहती है। बेटा पौने दो साल का हो गया है, लेकिन जब नगर निगम जाती है तो नियम का हवाला देकर टाल दिया जाता है। कहा जाता है कि नए पोर्टल में संशोधन का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए नाम परिवर्तन संभव नहीं हो सकता है।

अस्पताल में भी लगाई गई नोटिस

महिला अस्पताल हल्‍द्वानी की रजिस्ट्रार डा. ऊषा जंगपांगी ने बताया कि एक्ट में स्पष्ट है कि नाम परिवर्तन नहीं हो सकता है। हमने अस्पताल के बाहर भी इस तरह का नोटिस लगा दिया गया है। कई लोग आ रहे हैं, लेकिन ऐसा करना संभव नहीं है।

पोर्टल में नाम संशोधन का विकल्प नहीं

रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु नगर निगम हल्द्वानी डा. मनोज कांडपाल का कहना है कि नए पोर्टल में जन्म प्रमाण पत्र में उल्लेख नाम का संशोधन का विकल्प नहीं है। कई लोग इस तरह के मामले लेकर पहुंचते हैं। उन्हें पोर्टल के बारे में अवगत करा दिया जाता है।

क्या कहा स्वास्थ्य निदेशक ने

अपर मुख्य रजिस्ट्रार व स्वास्थ्य महानिदेशक डा. शैलजा भट्ट का कहना है कि डीएम कार्यालय स्तर पर आवेदन किया जाता है। वह एसडीएम को भेजते हैं। वैसे जन्म प्रमाण पत्र के फार्मेट में पूरी जानकारी दी गई है।