जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : परास्नातक में प्रवेश के लिए महिला कॉलेज की छात्राओं को परेशान होना पड़ता है। शहर के एकमात्र महिला कॉलेज में सिर्फ छह विषयों में ही पीजी की सुविधा मौजूद है। जबकि बीए की छात्राएं ज्यादा होने के बाद भी कला संकाय से हिंदी व अंग्रेजी में ही परास्नातक करने की सुविधा मौजूद है।

अन्य विषयों की बात की जाए तो फिजिक्स केमेस्ट्री, बॉटनी व कॉमर्स में पीजी की सुविधा मौजूद है। जबकि छात्राएं कला संकाय के अन्य विषयों में भी पीजी की मांग कर रही हैं। समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, जंतु विज्ञान व गणित विषय को मान्यता का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।

-पीजी के सीमित विषय होने के चलते परेशान होना पड़ रहा है। स्नातक के बाद अब दूसरे कॉलेज में प्रवेश लेना होगा।

-राजिया, पीलीकोठी

-गृहविज्ञान विषय में स्नातकोत्तर के लिए दूसरे कालेज जाना मजबूरी है। महिला कॉलेज में ही सुविधा होनी चाहिए।

-हंसी कफल्टिया, रामपुर रोड

-महिला कॉलेज का माहौल बहुत अच्छा है। स्नातक के बाद परास्नातक भी यहीं होता तो सभी के लिए अच्छा हो जाता।

-काजल, लालडांठ

-कॉलेज में पोस्ट ग्र्रेजुएट के विषय बढ़ाने की जरूरत है। जिससे छात्राओं को भटकना नहीं पड़े।

-भावना कफल्टिया, हल्द्वानी

-समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, जूलॉजी व मैथ के लिए दो-तीन साल से निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। पीजी में विषय नहीं होने से छात्राओं को परेशान होना पड़ता है।

-शशि पुरोहित, प्राचार्य, महिला कॉलेज, हल्द्वानी

महिला कॉलेज से प्रस्ताव आया था। उसे शासन को भेजा जा चुका है। नए विषयों को खोलने को लेकर मंजूरी शासन स्तर से मिलती है।

डा. बीएस बनकोटी, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा

Edited By: Skand Shukla