जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: पढ़ाई के बेहतर माहौल के लिए शासन व प्रशासन को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके। इसके लिए छात्रों को कई अलग-अलग गतिविधियों में शामिल कराना एक बेहतर विकल्प है। जिसमें शिक्षा के साथ खेल, डिबेट, भाषण, क्विज, सामान्य ज्ञान व छात्रसंघ भी होना चाहिए। जिससे शिक्षा के माहौल को मजबूत किया जा सके।

-कोरोना के चलते लंबे समय से कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। आंदोलन के दौरान कई बार कक्षाओं को बाधित करने का प्रयास किया जाता है। फिर भी छात्रसंघ होना चाहिए।

-तनु शर्मा, बीकाम द्वितीय वर्ष

-कालेज में पढ़ाई का माहौल छात्रों की रुचि पर निर्भर करता है। सीट की समस्या का निदान छात्रसंघ के माध्यम से हो पाया है।

-गायत्री बिष्ट, बीकाम प्रथम वर्ष, गौलापार कालेज, हल्द्वानी

-शिक्षा के लिए अनुशासन व दृढ़ संकल्प दोनों बहुत जरूरी है। यही कारण है कि बिना छात्रसंघ के भी प्राइवेट कालेजों में बेहतर शिक्षा का माहौल है।

-अदिति भट्ट, बीएससी प्रथम वर्ष

-कालेज में पढ़ाई का माहौल समय के साथ बेहतर हो रहा है। राजनीति में भविष्य देख रहे लोगों के लिए यह अच्छा मंच है।

-कृतिका थापा, बीकाम प्रथम वर्ष

-कोरोना के दौरान आनलाइन पढ़ाई से ही काम चलाना पड़ा है। छात्रसंघ के चलते ही विद्यार्थियों के प्रति शिक्षक गंभीर रहते हैं।

-लता बिष्ट, बीए प्रथम वर्ष

-छात्रसंघ के बजाय कालेज प्रशासन को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। जिस कार्य के लिए प्रवेश लिया है उसे प्राथमिकता देने की जरूरत है। नेतृत्व विकास के अन्य आयाम भी हो सकते हैं।

-सुंदर सिंह बोरा, बीएससी तृतीय वर्ष

Edited By: Skand Shukla