जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: डेयरी विभाग में योजनाओं के लिए जारी बजट समय से खर्च करने के निर्देश निदेशक बीएल फिरमाल ने दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। वानिकी प्रशिक्षण संस्थान सभागार में डेयरी विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई।

निदेशक बीएल फिरमाल ने कहा कि दुग्ध सहकारिताओं में गति लाते हुए योजनाओं से अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित किए जाने को कहा। शतप्रतिशत प्राप्त धनराशि समयावधि में व्यय करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने दुग्ध सहकारिता में गति प्रदान किए जाने के लिए जिला योजना, दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना, महिला डेरी विकास योजना, पशु चारा अनुदान योजना के अंतर्गत जारी की गई धनराशि का 15 दिन में उपयोग करने व समस्त  अधिकारियों से दुग्ध उत्पादको से समन्वय स्थापित कर क्षेत्र भ्रमण करने के निर्देश दिए। योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को मिल सके। 

निदेशक डेयरी फिरमाल ने कहा कि किसी भी योजना में आवश्यकता होने पर धनराशि शीघ्र मांग का प्रस्ताव प्रेषित करे ताकि सम्बन्धित योजना में बजट अवमुक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यो में लापरवाही करने वालो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों के सहायक निदेशकों से कहा कि आपदा के दौरान काश्तकारों को काफी नुकसान उठाना पडा है। विधानसभा सामान्य निर्वाचन सामने है, ऐसे में काश्तकारों को दुग्ध योजनाओ से त्वरित लाभ पहुंचाना अधिकारियों का दायित्व है। योजनाओं की धनराशि यदि समय अवधि में व्यय नही की जाती है तो सम्बन्धित सहायक निदेशक इसके लिए व्यक्तिगत जिम्मेदार होंगे।

उन्होने निर्देश दिए कि अधिकारी क्षेत्रों में जाएं तथा पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें। उन्होने कहा कि दुग्ध सहकारिता के उत्थान एंव दुग्ध उत्पादकों के उन्नयन के लिए किसी भी योजना के धनराशि की आवश्कता हो तो तत्काल प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। जिससे बजट उपलब्ध कराया जा सके। कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में उप निदेशक संजय उपाध्याय, वित्त अधिकारी कमलेश भण्डारी, सहायक निदेशक मुख्यालय भूपेन्द्र सिंह बिष्ट, राम प्रसाद, अपर निदेशक महिला डेरी एचएस कुटोला, सभी जिलों के सहायक निदेशक, मुख्यालय के अधिकारी एंव यूसीडीएफ के अधिकारी मौजूद थे।

Edited By: Prashant Mishra