स्मार्ट मीटर पर बिजली की खपत कैसे करें कंट्रोल? मोबाइल ऐप करेगा मदद
दैनिक जागरण के 'प्रश्न पहर' कार्यक्रम में ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी ने स्मार्ट मीटर की खूबियां बताईं।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में कई प्रकार की शंकाएं हैं। इसको लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन इस नई तकनीक का इस्तेमाल बिजली बचत में काफी कारगर साबित होगा। यह बात दैनिक जागरण कार्यालय में हुए प्रश्न पहर कार्यक्रम में ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी ने कही।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर का ऐप डाउनलोड करने के बाद आप बिजली का उपयोग कम कर सकते हैं। पुराने मीटर में बिल एक माह बाद आता था, तब पता चलता था कि बिल ज्यादा आ गया है। लेकिन स्मार्ट मीटर ऐप के जरिए आप रोजाना बिजली की खपत देख सकते हैं।
दैनिक जागरण के प्रश्न पहर कार्यक्रम में मुख्य अभियंता त्रिपाठी ने जिले भर से आईं स्मार्ट मीटर, लो वोल्टेज, हाई वोल्टेज, बिजली के झूलते तारों आदि की शिकायतों को सुना। साथ ही उन्हें जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर पहले वाले मीटर जैसा ही है, अंतर सिर्फ इतना है कि इसमें एक चिप यानी सिम लगी हुई है। यह सिम कम्युनिकेशन का काम करती है।
यह कम्युनिकेशन उपभोक्ता के साथ ही निगम से भी रहेगा। कहा कि कुमाऊं मंडल में सबसे ज्यादा ऊधम सिंह नगर में 85 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, जबकि सबसे ज्यादा यहीं के लोगों ने इसका विरोध किया था। इसकी खूबियां जानकर लोगों ने इसका स्वागत किया। कहा कि घर में सोलर पैनल लगाने वाले लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। स्मार्ट मीटर के जरिए लोगों को पता चल रहा है कि उनकी कितनी बिजली एक्सपोर्ट हो रही है।
प्रश्न - स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिल ज्यादा आ रहा है, क्या करें? -सादाब खान, बरेली रोड।
उत्तर - आप चेक मीटर जरूर लगाएं, इससे आपको पता चल जाएगा कि बिल ज्यादा क्यों आ रहा है।
प्रश्न - अप्रैल से स्मार्ट मीटर लगा दिया है, अब तक बिल नहीं आया। -मोहन चंद्र आर्या, पनियाली।
उत्तर - मैंने आपकी शिकायत नोट कर ली है, आपको ऊर्जा निगम की ओर से फोन आएगा। समस्या का जल्द समाधान होगा।
प्रश्न - कुसुमखेड़ा में काफी दिनों से लो वोल्टेज की समस्या हो रही है। -सुरेश चंद्र जोशी, कुसुमखेड़ा।
उत्तर - ऊर्जा निगम की टीम जल्द ही क्षेत्र का भ्रमण कर समस्या का समाधान करेगी।
प्रश्न - खेत में बिजली का पोल लगा है, इसे हटाकर थोड़ी दूरी पर लगा दें तो समस्या खत्म हो जाएगी। -रूप सिंह भंडारी, देवलचौड़
उत्तर - ठीक है, जल्द ही आपके क्षेत्र में अतिरिक्त पोल लगा दिया जाएगा, इसके लिए जमीन उपलब्ध करा दें।
प्रश्न - हमारा क्षेत्र अब शहर में आ चुका है, लेकिन बिजली गांव के बिजली घर से आ रही है, जिससे आए दिन समस्या होती है। - लवेंद्र रौतेला, भीमताल
उत्तर - ठीक है, आपके क्षेत्र को जल्द ही टाउन के बिजली घर से कनेक्ट कर दिया जाएगा।
प्रश्न - हमारी कालोनी के घरों में लाइट के स्विच बंद करने के बाद भी रात में घर के बल्ब जलते रहते हैं। -इतु मुदगल, गोरखपुर, तिकोनिया।
उत्तर - इसका मतलब क्षेत्र में कभी-कभी हाई वोल्टेज की समस्या है, टीम के लोग आपके क्षेत्र में पहुंचकर समस्या का समाधान करेंगे।
इन लोगों ने भी पूछे प्रश्न
बिंदुखत्ता से लक्ष्मण सिंह जग्गी, दमुवाढूंगा से प्रमोद जोशी, पीलीकोठी से एमपीएस नेगी, तल्ली बमौरी आनंदपुरी से भूपेश शर्मा, पालीशीट से घनश्याम तिवारी, कटघरिया से लीलाधर बडोला, जेकेपुरम से सुरेंद्र बिष्ट, दमुवाढूंगा आंबेडकर नगर से मुनी राम आर्या, गौलापार के दौलतपुर से खीम सिंह, अल्मोड़ा बाड़ी बगीचा से जावेद अख्तर, हल्दूचौड़ से बसंत शर्मा ने भी समस्या बताई।
