स्मार्ट मीटर में बार बार डिफरमेंट चार्ज कटने से हैं परेशान तो ऐसे घर बैठे बढ़ाएं बिजली लोड
Bihar Smart Meter Differment Charge: स्मार्ट मीटर में बार-बार कट रहे डिफरमेंट चार्ज से बचने के लिए उपभोक्ता अब घर ...और पढ़ें

घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का लोड जोड़कर कनेक्शन का लोड बढ़ा लें।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Suvidha App Bihar Load Enhancement: बिहार में 29 अगस्त 2026 को अधिकांश बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बैलेंस से डिफरमेंट चार्ज कट गए। बैलेंस कम होने के कारण कई उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति अचानक बंद हो गई।
स्मार्ट मीटर व्यवस्था 2020 से लागू होने के बाद वह छोटे-छोटे उपकरणों का लोड भी आसानी से रीड कर लेता है। घर में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल चार्जर, इंडिकेटर और नाइट लैंप का लोड भी दर्ज करता है।
निर्धारित लोड से अधिक बिजली खपत होने पर पेनल्टी के रूप में डिफरमेंट चार्ज काटा जाता है। इससे बचने के लिए घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का लोड जोड़कर कनेक्शन का लोड बढ़ा लें। यहां जानते हैं पूरी प्रक्रिया-
1. बिहार में स्मार्ट मीटर व्यवस्था कब से लागू है?
बिहार में स्मार्ट प्री-पेड मीटर की शुरुआत प्रयोग के तौर पर वर्ष 2018-19 में हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने 2019 में इसे पूरे बिहार में लागू करने की आधिकारिक घोषणा की।
घोषणा के बाद 2020-21 से शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ। इसके बाद 2021-22 से ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए गए।
2. क्या घर बैठे लोड बढ़ाना या घटाना संभव है?
हां, घर बैठे मोबाइल से लोड बढ़ाना या घटाना पूरी तरह से संभव है। इसके लिए उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तर या अधिकारियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।
उपभोक्ता घर बैठे मोबाइल ऐप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से लोड चेंज के लिए आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से समय और भागदौड़ दोनों की बचत होती है।
3. ऑनलाइन लोड बढ़ाने की स्टेप-बाई-स्टेप प्रक्रिया क्या है?
ऑनलाइन लोड बढ़ाने के लिए आप Suvidha App या WSS Portal (SBPDCL/NBPDCL) का उपयोग कर सकते हैं। दोनों ही माध्यमों से आवेदन की प्रक्रिया काफी सरल और सहज है।
Suvidha App से आवेदन का तरीका
- Google Play Store से SUVIDHA App डाउनलोड करें।
- ऐप में Apply for Load Change विकल्प चुनें।
- अपना उपभोक्ता नंबर (CA Number) दर्ज करें।
- वर्तमान लोड देखकर जितना किलोवाट (kW) लोड बढ़ाना चाहते हैं, नया लोड दर्ज करें।
- आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे आधार कार्ड/बिजली बिल) अपलोड कर सबमिट करें। आपको Application Reference Number मिल जाएगा।
आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन का तरीका
- अपनी बिजली कंपनी (SBPDCL / NBPDCL) की वेबसाइट पर जाएं।
- Consumer Login / WSS Portal में जाकर Load Change Request चुनें।
- CA Number डालकर ओटीपी से सत्यापन करें और नया लोड दर्ज करके आवेदन जमा करें।
ओटीपी सत्यापन और प्रक्रिया
अपना CA Number दर्ज करके मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन पूरा करें। इसके बाद नया लोड विवरण और मांगे गए दस्तावेज़ भरकर आवेदन जमा कर दें।

4. क्या इसके लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है?
लोड बढ़ाने पर अतिरिक्त किलोवाट के अनुसार सिक्योरिटी डिपॉजिट की अंतर राशि (Differential Amount) देनी होती है। यह राशि उपभोक्ता के आने वाले बिल या स्मार्ट मीटर बैलेंस में जुड़ जाती है।
न्यूनतम प्रक्रियात्मक शुल्क
इसके अलावा यदि कोई न्यूनतम प्रोसेसिंग फीस लागू होती है तो उसे भी बिल में जोड़ दिया जाता है। उपभोक्ता को अलग से कहीं नकद भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती।
5. आवेदन के कितने दिनों के बाद लोड बढ़ जाता है?
ऑनलाइन आवेदन सबमिट होने के बाद विभाग द्वारा तकनीकी सत्यापन किया जाता है। सत्यापन पूरा होने के बाद 7 से 15 वर्किंग डेज के भीतर नया लोड अपडेट हो जाता है।
6. कोई स्वीकृत लोड से अधिक बिजली का उपयोग करता है तो क्या होता है?
स्वीकृत लोड से अधिक इस्तेमाल करने पर बिजली कंपनी Excess Demand Charge (अधिक मांग शुल्क) वसूलती है। यह शुल्क साधारण फिक्स्ड चार्ज से 1.5 से 2 गुना अधिक पेनल्टी के रूप में कटता है।
स्वतः लोड बढ़ने का नियम
यदि कोई उपभोक्ता लगातार 3 महीने या उससे अधिक समय तक स्वीकृत लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल करता है, तो स्मार्ट मीटर नियमों के तहत सिस्टम स्वतः ही स्वीकृत लोड बढ़ा देता है।
7. लोड कम करने (Load Reduction) की प्रक्रिया क्या है?
लोड घटाने के लिए SUVIDHA App या WSS Portal पर जाकर Load Change Request में Load Decrease चुनें। इसके बाद वर्तमान लोड और जितना कम करना चाहते हैं, वह दर्ज करें।
भौतिक सत्यापन और आवश्यक शर्तें
आवेदन के बाद तकनीकी कर्मी परिसर का निरीक्षण कर जांच सकते हैं कि उपकरण कम हुए हैं या नहीं। ध्यान रहे कि घरेलू कनेक्शन में न्यूनतम 1 kW से कम लोड नहीं किया जा सकता और बकाया राशि शून्य होनी चाहिए।
