जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कूड़ा उठाने को लेकर रविवार को फिर विवाद हो गया। नवाबी रोड पर महिला डिग्री कॉलेज के बाहर कूड़ा उठाने पहुंची नगर निगम की टीम को आंदोलित सफाई कर्मचारियों ने रोककर सड़क पर धरना शुरू कर दिया। कर्मचारी कूड़ा उठा रहे बुलडोजर के आगे लेट गए। नगर आयुक्त की मौजूदगी में पहुंची पुलिस टीम ने धरने पर बैठे छह कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।

देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ नियमितीकरण समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सात दिनों से आंदोलित हैं। रविवार को नवाबी रोड पर कूड़ा उठाने की सूचना पर अपराह्न एक बजे कर्मचारी मौके पर जुट गए। पुलिस ने कर्मचारियों को हिरासत में लिया, तब कूड़ा उठना शुरू हुआ। सात दिनों से जमा कूड़े को डंपर ने तीन चक्कर में साफ किया। नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कांडपाल ने अपनी निगरानी में सफाई कराई।

इधर, कर्मचारियों को हिरासत में लेने के विरोध में डेढ़ बजे आंदोलित कर्मचारी कोतवाली धमक गए। साथियों को छोडऩे की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक कोतवाली में हंगामा जारी रहा। अपराह्न 3:20 बजे कर्मचारी एसडीएम कोर्ट पहुंच गए। शाम सात बजे एसडीएम कोर्ट से कर्मचारियों की रिहाई के बाद आंदोलित कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया। धरने को लेकर काफी गहमागहमी रही। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह, कांग्रेस नेता ललित जोशी, आशु वाल्मीकि, रवि चिंडालिया आदि शामिल रहे।

महिलाओं से हुआ विवाद

महिला डिग्री कॉलेज के बाहर कूड़ा उठाने से रोकने पर महिलाओं का सफाई कर्मचारियों से विवाद हो गया। महिलाओं ने कहा कि गंदगी व दुर्गंध के कारण उनका रहना मुश्किल हो रहा है। कॉलोनीवासी खुद सफाई कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों का विरोध गलत है। कुछ कर्मचारी महिलाओं से उलझ गए।

राहत: सात स्थानों से उठाया कूड़ा

हड़ताल से शहर के कूड़ाघरों में कूड़े का ढेर लग गया है। रविवार को निगम की टीम ने बरेली रोड निकट धान मिल, मंगलपड़ाव मछली बाजार, स्टेडियम के पास, केमू स्टेशन, काठगोदाम व नवाबी रोड से कूड़ा उठाया। नैनीताल रोड आवास विकास के पास आधा कूड़ा उठ पाया। सफाई के 20 कर्मचारी लगाए गए हैं। शनिवार को महिलाओं के हमले का निशाना बने सफाई नायक राजेंद्र भी काम में जुटे रहे।

Edited By: Skand Shukla