नैनीताल, जेएनएन : कुमाऊं विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में सारे नियम कायदे ताक पर रख दिए हैं। विवि की ओर से जो सेमेस्टर परीक्षाएं नियमानुसार 45 दिन में पूरी हो जानी चाहिए थी, उनके दिनों की संख्या 70 से ज्यादा पहुंच चुकी है। ऐसे में दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा, परीक्षाफल आदि के बाद साल में 180 दिन पढ़ाई के शासनादेश का अनुपालन बेहद मुश्किल हो गया है।

कुमाऊं विवि की सेमेस्टर प्रणाली छात्रों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। विवि के परिसरों व संबंधित कॉलेजों में इस बार सेमेस्टर परीक्षाएं 15 नवंबर से शुरू होकर 25 जनवरी तक अर्थात 70 दिन तक चली। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार एक सेमेस्टर की परीक्षावधि अधिकतम 45 दिन है। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार साल में 180 दिन पढ़ाई अनिवार्य है। एक शैक्षणिक सत्र में दो सेमेस्टर परीक्षाएं होती हैं, ऐसे में उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन से परीक्षाफल तैयार करने, एडमिशन प्रक्रिया, छात्रसंघ चुनाव आदि की अवधि को जोड़ दिया जाए तो साल में 180 दिन पढ़ाई असंभव है। सेमेस्टर परीक्षा की बढ़ती अवधि की वजह से छात्रों को परीक्षा तैयारियों में कठिनाई होने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा तैयारियों से वंचित होना पड़ रहा है। कुलपति प्रो. डीके नौडिय़ाल ने भी माना कि इस बार सेमेस्टर परीक्षाएं 45 दिन की अवधि में होनी चाहिए, अलबत्ता जोड़ा कि 2016 बैच के ग्रुप कॉम्बीनेशन की वजह से यह स्थिति पैदा हुई। अगले सेमेस्टर से यह समस्या दूर कर दी जाएगी।

प्रोफेशनल कोर्सों का बुरा हाल

विवि के परिसरों, संबद्ध कॉलेजों में प्रोफेसनल कोर्सों की सेमेस्टर परीक्षा का और भी बुरा हाल है। सूत्रों के अनुसार प्राध्यापकों की उपलब्धता के आधार पर प्रोफेशनल कोर्स के पेपर सेट कर दिए जाते हैं। इन खामियों की वजह से विवि के प्रोफेसनल कोर्सों को लेकर छात्रों की रुचि कम हो रही है।

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Posted By: Skand Shukla

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