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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नवंबर से पका-पकाया खाना खाएंगे स्कूली बच्चे, कोरोना की वजह से बंद था किचन

By Prashant MishraEdited By:
Published: Sat, 30 Oct 2021 11:54 AM (IST)

अभी तक स्कूलों में भोजन नहीं पक रहा है। बच्चों को चावल व खाद्य सुरक्षा भत्ता उपलब्ध कराया जा रहा ...और पढ़ें

राज्य परियोजना निदेशक ने एक नवंबर से स्कूली बच्चों को पका-पकाया भोजन परोसने के निर्देश दिए हैं।
राज्य परियोजना निदेशक ने एक नवंबर से स्कूली बच्चों को पका-पकाया भोजन परोसने के निर्देश दिए हैं।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कोरोना की वजह से 20 माह से बंद स्कूल के चूल्हे की आग फिर से सुलगेगी। प्रधानमंत्री पोषण निर्माण योजना के तहत स्कूलों में दोपहर का भोजन पकेगा। राज्य परियोजना निदेशक ने एक नवंबर से स्कूली बच्चों को पका-पकाया भोजन परोसने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक से 8वीं तक के बच्चों को प्रधानमंत्री पोषण (पूर्व की मध्याह्न भोजन) योजना के तहत पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाता है। कोरोना की वजह स्कूल बंद रहे। सितंबर में चरणबद्ध तरीके से पहले जूनियर व फिर प्राथमिक स्कूल खोले गए। हालांकि अभी तक स्कूलों में भोजन नहीं पक रहा है। बच्चों को चावल व खाद्य सुरक्षा भत्ता उपलब्ध कराया जा रहा था। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने कोविड प्रोटोकाल का पालन कराते हुए एक नवंबर से स्कूलों में पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

भोजन माताओं को मिलेगा रोजगार

स्कूलों में भोजना पकना बंद होने से भोजनमाताएं चिंता में थीं। शिक्षा विभाग मानदेय दे रहा था लेकिन कई बार भुगतान में देरी हुई। सितंबर में स्कूल खुलने के बाद भोजनमाताओं को स्कूल बुलाया गया, लेकिन उनके पास कोई काम नहीं था। भोजन पकाने का आदेश होने से नैनीताल जिले की दो हजार से अधिक भोजनमाताओं को राहत मिली है। योजना के जिला प्रभारी बंशीधर कांडपाल ने बताया कि इससे नैनीताल में 60 हजार से अधिक बच्चे लाभांवित होंगे। मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।