जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : कुमाऊं में टिकट कटने से कांग्रेस व भाजपा के बागियों ने प्रदेश के शीर्ष नेताओं की नाक में दक किए हुए हैं। एक मानता है तो दूसरा बागी हो जाता है। रुद्रपुर सीट पर विधायक राजकुमार बगावत के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता भी उनकी राह पर निकल चुके थे। यह देख भाजपा ने नेताओं ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू की। चुनाव प्रभारी लाकेट चटर्जी को मनाने का जिम्मा दिया गया। काफी मशक्कत के बाद वह कामयाब हो पाईं। 

टिकट न मिलने से नाराज भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता ने निर्दल से चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो भाजपा के दिग्गज नेता दत्ता को समझाने में जुट गए। उत्तराखंड की सह प्रभारी  लाकेट चटर्जी शुक्रवार को दत्ता के आवास पर पहुंच गई और उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी नाराजगी दूर कर दी। इससे भाजपा ने राहत की सांस ली। रुद्रपुर सीट पर टिकट के लिए विधायक राजकुमार ठुकराल, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता सहित नौ लोगों ने दावेदारी की थी। काफी मकशक्कत के बाद अरोरा को टिकट दे दिया गया। इससे नाराज गुरुवार को विधायक ठुकराल, दत्ता ने निर्दल से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था।

रुद्रपुर, गदरपुर व सितारगंज में बंगाली समाज के ज्यादा लोग रहते हैं। इसे भांप कलह दूर करने के लिए सह प्रभारी लाकेट चटर्जी शुक्रवार को दत्ता के आवास  ट्रांजिट कैंप पहुंची। जहां पर उन्होंने समझा बुझाकर दत्ता को निर्दल से चुनाव न लड़ने काे मना लिया। साथ ही भाजपा प्रत्याशी को जीताने के लिए दत्ता संगठन के साथ जुट गए। प्रत्याशी अरोरा के प्रचार में लगे दत्ता ने कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, केंद्री रक्षा एवं पर्यटन रक्षा मंत्री अजय भट्ट, संगठन महामंत्री अजय, चुनाव सह प्रभारी आरके सिंह ने भी मोबाइल पर फोन कर उनकी बात सुनीं और भविष्य में अच्छा होने का भरोसा दिलाया है। कहा कि वह पार्टी के साथ है। इस फैसले से प्रत्याशी के साथ ही भाजपा ने राहत की सांस ली है।

Edited By: Prashant Mishra