जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : उत्तराखण्ड परिवहन निगम में तैनात संविदा व विशेष श्रेणी कर्मचारियों ने सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन मिलने पर हड़ताल को स्थगित कर दिया है। 26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के समक्ष मांग पत्र रखा जाएगा। आठ दिन बाद होनी वाली इस वार्ता में अगर कोई हल नहीं निकला तो कर्मचारी आंदोलन की राह पकड़ लेंगे। हालांकि, मुख्यालय इस बार सख्ती के मूड में है।

चुनावी साल होने की वजह से हर महकमे में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का दौर शुरू हो चुका है। ऊर्जा निगम के कर्मचारियों को सरकार ने हाल में बड़ी मुश्किल से मनाया। जल संस्थान की तीन दिनी हड़ताल ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया था। वहीं, सुशीला तिवारी अस्पताल के 750 उपनलकर्मी लंबे समय से काम छोड़ धरने पर बैठे हैं। वहीं, रोडवेज संविदा व विशेष श्रेणी कर्मचारी संघ ने स्थायी नियुक्ति, समान कार्य समान वेतन आदि मांगों को लेकर 19 अक्टूबर से हड़ताल का एलान किया था।

इससे पूर्व सभी डिपो में धरने व प्रदर्शन भी हुए। कर्मचारियों का कहना था कि सालों सेवा के बावजूद उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। विभाग द्वारा काफी कम मानदेय दिया जाता। जिससे महँगाई के दौर में परिवार को पालना मुश्किल है। हालांकि, आठ दिन के लिए आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंगवाल ने बताया कि अब 26 तारीख को होने वाली वार्ता का इंतजार किया जा रहा।

पुलिस की मदद लेगा निगम

संविदा व विशेष श्रेणी कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर निगम इस बार सुस्ती नहीं बरतेगा। जीएम संचालन दीपक जैन ने सभी आरएम व एआरएम को भेजे पत्र में कहा कि हड़ताल की स्थिति में अराजक तत्वों को चिन्हित करने के साथ पुलिस की मदद भी ली जाए। इसके अलावा संचालन को बाधित करने वालों की सेवा समाप्ति की रिपोर्ट भी बनाये।

Edited By: Skand Shukla