पिथौरागढ़, जेएनएन : नेपाल सीमा पर झूलाघाट से जौलजीवी तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने को है। इस सड़क के बनने से कनालीछीना ब्‍लॉक और मूनाकोट की पचास हजार से अधिक की आबादी लाभान्वित होगी। आजादी के बाद 72 साल बाद नेपाल सीमा पर 27 किमी सड़क का निर्माण पूरा होने जा रहा है।

अविभाजित उत्‍तर प्रदेश में हुई थी सड़क निर्माण की घाेषणा

अविभाजित उत्‍तर प्रदेश के दौरान तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री मुलायमसिंह यादव ने जौलजीवी से काली नदी के किनारे तक सड़क निर्माण की घोषणा की थी। सड़क न होन के कारण टनकपुर से पिथौरागढ़ और जौलजीवी की दूरी करीब 103 किमी पड़ती है। सड़क निर्माण पूरा होने से दूरी काफी कम हो जाएगी। सड़क निर्माण का कार्य लोनिवि अस्कोट, पिथौरागढ़ व चम्पावत के जिम्मे था। लोनिवि अस्कोट द्वारा सड़क का निर्माण सिर्फ द्वालीसेरा तक किया गया। इस मार्ग पर वाहन चल रहे हैं। इससे आगे झूलाघाट तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका था।

20 से 25 दिनों के अंदर होने लगेगा आवागमन

विधायक विशन सिंह चुफाल ने बताया कि नेपाल सीमा पर झूलाघाट से जौलजीवी तक बीस से पच्चीस दिनों के बीच सड़क जुडऩे जा रही है। इसी के साथ नेपाल सीमा पर जौलजीवी से झूलाघाट तक का क्षेत्र सड़क से जुड़ जाएगा और सत्तर साल बाद सीमांतवासियों की मांग पूरी हो जाएगी। उन्होंने नेपाल सीमा पर सड़क बनने को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।

झूलाघाट से जौलजीवी की दूरी घट जाएगी

नेपाल सीमा पर सड़क नहीं होने से वर्तमान में झूलाघाट से जौलजीवी पहुंचने के लिए वाया पिथौरागढ़ होते ही एक मात्र विकल्प है। वाया पिथौरागढ़ होते झूलाघाट से जौलजीवी की दूरी 103 किमी है। सड़क बनते ही यह दूरी मात्र 27 किमी के आसपास रह जाएगी।

एसएसबी को गश्त लगाने में होगी सुविधा

काली नदी किनारे सड़क बनते ही नेपाल सीमा पर द्वालीसेरा से झूलाघाट के बीच स्थित एसएसबी चौकियों के जवानों को सुविधा मिलेगी। अभी तक जवान पैदल गश्त करते थे सड़क तैयार होते ही  सीमा पर वाहनों से निगरानी की जाएगी। हेमंत चंदोला, सहायक अभियंता लोनिवि, अस्कोट ने बताया कि अस्कोट डिविजन द्वारा तालेश्वर से पीपली के मध्य सड़क  बनाई जा रही है जो अब लगभग पूरा होने जा रहा है। सड़क एक माह में पूरी कट जाएगी। थोड़ा सा हिस्सा शेष बचा था जो काटा जा रहा है। जिसमें 20 से 22 दिन का समय लगने की संभावना है।

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Posted By: Skand Shukla

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