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उत्तराखंड में चार साल बाद दिखा रेयर वाइट रम्प्ड वल्चर गिद्धों का झुंड, अचानक हो गए थे गायब

Published: Fri, 03 Apr 2026 09:58 AM (IST)

कार्बेट टाइगर रिजर्व के पास टेड़ा गांव में चार साल बाद सात दुर्लभ वाइट रम्प्ड वल्चर गिद्धों का झुंड देखा ...और पढ़ें

रामनगर में टेड़ा गांव के अंतर्गत पेड़ पर बैठे दुर्लभ प्रजाति के व्हाइट रम्प्ड वल्चर। सौजन्य: दीप रजवार

रामनगर में टेड़ा गांव के अंतर्गत पेड़ पर बैठे दुर्लभ प्रजाति के व्हाइट रम्प्ड वल्चर। सौजन्य: दीप रजवार

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जागरण संवाददाता, रामनगर। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निकट स्थित टेड़ा गांव के जंगल में चार साल बाद दुर्लभ वाइट रम्प्ड वल्चर प्रजाति के सात गिद्धों का झुंड देखा गया है। ये गिद्ध जो प्रकृति के स्वच्छता के प्रतीक माने जाते हैं, डाइक्लोफेनाक दवा के बढ़ते उपयोग के कारण विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए हैं।

यह दवा पशु-चिकित्सा में उपयोग होती है, जिसके कारण मरे हुए मवेशियों को खाने के बाद गिद्धों की बड़ी संख्या में मौत हुई है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षित भोजन की कमी, बड़े पेड़ों की कटाई और मानवीय दबाव भी इनकी अस्तित्व के लिए खतरा बन गए हैं।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार ने इन गिद्धों की तस्वीरें खींची हैं। उन्होंने बताया कि इनका झुंड में दिखना केवल सामान्य घटना नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। रामनगर के रिंगोरा गांव में 2013 तक इनकी अच्छी मौजूदगी थी, लेकिन उसके बाद ये अचानक गायब हो गए।

वर्ष 2017 में ये कार्बेट के झिरना रेंज में देखे गए थे और 2021 में रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज में पांच की संख्या में नजर आए थे। अब चार साल बाद इनका एक साथ दिखना यह संकेत देता है कि इनकी संख्या में वृद्धि हो रही है।

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