रुद्रपुर, जागरण संवाददाता : कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की मार आटो सेक्टर पर पड़ी है। सिडकुल पंतनगर स्थित टाटा व अशोका लीलैंड में उत्पादन ठप हो गया है। इससे जुड़े करीब 65 वेंडरों की हालत खस्ता हो गई है। इसके साथ ही इससे जुड़े करीब 12 हजार कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। देश के विभिन्न राज्यों में लगे लॉकडाउन से वाहनों की खपत कम हो गई है। इसे लेकर आटो सेक्टर से जुड़े उद्यमी चिंतित नजर आ रहे हैं।

 

कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ी तो राज्य सरकारों ने अपने हिसाब से लॉकडाउन लगा रखा है, जिससे कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ी जा सके। इसी तरह उत्तराखंड में भी लॉकडाउन लगाया गया है। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक चीजों की बिक्री के लिए ही दुकानों को निर्धारित समय तक खोलने की अनुमति है। आय का जरिया बंद होने से मांग भी कम हो गई है। इसका असर आटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि सिडकुल स्थित टाटा मोटर्स कंपनी में 13 मई से उत्पादन ठप है जो 23 मई तक बंद रहेगा। इसकी वजह बाजार में वाहन की मांग कम है।

 

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से पहले टाटा कंपनी में हर माह करीब 17 से 18 हजार वाहन बनते थे। अशोका लीलैंड कंपनी करीब एक सप्ताह से बंद है। मंगलवार से कंपनी में पुन: काम शुरू होगा। कोरोना की दूसरी लहर से पहले करीब दो हजार वाहन हर माह बनते थे। इस माह में करीब चार सौ वाहन बनने का लक्ष्य है। कोरोना संक्रमण का चेन तोडऩे के लिए अशोका लीलैंड कंपनी को करीब एक सप्ताह तक बंद किया गया है। इन दोनों कंपनियों से करीब 65 वेंडर यानी छोटे बड़ी कपंनियां जुड़ी हैं, जो आटो पाट्र्स की आपूर्ति करती हैं। इससे जुड़े करीब 12 हजार कर्मचारियों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि कंपनियों से किसी को निकाला नहीं गया है, मगर कुछ दिनों तक कंपनियों के बंद होने से कर्मचारी रोजगार व भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

 

अनूप सिंह, चेयरमैन, सिडकुल पंतनगर चैप्टर, केजीसीसीआइ ने बताया कि टाटा कंपनी 13 मई से बंद है और 23 मई तक बंद रहेगी। अशोका लीलैंड कंपनी करीब एक सप्ताह से बंद है, जो सोमवार तक बंद रही। आज से कंपनी में काम शुरू हो सकता है। कोरोना संक्रमण की वजह से बाजार में मांग कम हो गई तो इसका असर आटो सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है।

 

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