संस, रामनगर : नागरिकता संशोधन विधेयक में मुस्लिमों को भी शामिल करने को लेकर संयुक्त संघर्ष मंच ने शुक्रवार को जुलूस निकालकर एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। मंच के लोगों का कहना है कि विधेयक में सभी धर्मो के लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। भेदभाव की नीति गलत है और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। मुस्लिम समाज के लिए इसमें कोई व्यवस्था न होने से सरकार ने अपनी जनविरोधी नीतियों का परिचय दिया है।

नागरिक संशोधन बिल को लेकर विरोध जताते हुए बाजार से जुलूस निकालकर लोग एसडीएम कार्यालय पहुचे। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तुत विधेयक भेदभाव पूर्ण है। मंच ने माग की कि धर्म के आधार पर भेदभाव खत्म कर सभी शरणार्थियों को देश की नागरिकता प्रदान की जाए। मुस्लिमों का विधेयक पास करने के दौरान कोई ध्यान न रखने से सरकार ने अपनी जनविरोधी नीति का एक बार फिर परिचत दे दिया है। भेदभावपूर्ण नीति का खुलकर विरोध किया जाएगा। व्यापक हित में सरकार की खिलाफत की जाएगी। सभी धर्म के लोगों की तरह मुस्लिमों के लिए भी विधेयक में निश्चित तौर पर व्यवस्थाएं होनी चाहिए। ऐसा न कर सरकार ने अपनी मानसिकता दर्शायी है। मंच ने शुक्रवार को जुलूस निकालकर एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान मौ. शाकिर, खुर्शीद आलम, लईक सैफ , ललित उप्रेती, किशन शर्मा, ललिता रावत, सरस्वती जोशी, कौशल्या चौनियाल, पंकज, चंदन, प्रभात ध्यानी, मौलवी नईम अहमद,मौलवी नफ स अहमद, मोहम्मद नबी, जमील अहमद सैफ , मोहसिन ख़ान, असलम सिद्दीकी, मौलवी जमील अहमद, मौलाना नदवी, पाशा समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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