हल्द्वानी, जागरण संवाददाता : मोस्ट वांटेड माओवादी भाष्कर पांडे पर पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। गिरफ्तार के बाद जेल भेजे गए भाष्कर पांडे को अब रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। पुलिस पूछताछ में कई नई परतें उधड़कर सामने आ सकती है। पांडे को रिमांड में लेने के लिए पुलिस कोर्ट में बहुत जल्द आवेदन पत्र दाखिल करेगी। 

कुमाऊं में भाष्कर पांडे सबसे बड़ा माओवादी है। इसके तार सीधे तौर पर खीम सिंह बोरा से जुड़े हुए थे। दो साल पहले 50 हजार के इनामी खीम सिंह बोरा की गिरफ्तारी के बाद भाष्कर पांडे अकेला पड़ गया था। भाष्कर पांडे नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक में चुनाव के दौरान एक कार में आग लगाने का आरोपित था। इससे पहले उसके खिलाफ अल्मोड़ा में भी लोगों को भड़काने के आरोप में मुकदमा दर्ज था। दोनों मामलों के बाद भाष्कर पांडे की इनामी राशि ढाई हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई थी। बेहद शातिर दिमाग का भाष्कर पांडे मुकदमा दर्ज होने के बाद उत्तराखंड छोड़कर फरार हो गया था।

भष्‍कर ने पंजाब, पश्चिम बंगाल और झारखंड में जाकर ट्रैनिंग ली। पिछले एक साल से वह दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में सक्रिया था। करीब चार माह पहले वह दिल्ली से अपने घर अल्मोड़ा आ गया था लेकिन इसकी जानकारी खुफिया एजेंसियों को नहीं थी। भाष्कर के यूटर्न की सूचना पर एसओजी और स्थानीय पुलिस एक्शन में आ गई थी। अल्मोड़ा में उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया गया था। 13 सितंबर को एसओजी और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर 20 हजार के इमानी भाष्कर पांडे को गिरफ्तार कर लिया था। उसे जेल भेज दिया था। अब पुलिस भाष्कर को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

 

Edited By: Skand Shukla