रुद्रपुर, जेएनएन : अपराधिक वारदात के बाद साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस महकमे में पुलिस फारेंसिक फील्ड यूनिट का गठन किया जाएगा। इसके लिए एक उप निरीक्षक और पांच कांस्टेबल को तैनात कर 15 दिन का फारेंसिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अपराधिक वारदात के मामले में ऊधमसिंहनगर पहले स्थान पर है। हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, दुष्कर्म, चोरी समेत अन्य वारदात के बाद अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस के पास साक्ष्य होना जरूरी होता है। साक्ष्य के अभाव में कई बार अपराधी बच निकलते हैं। इसे देखते हुए पूर्व में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक डा.दयाल शरण ने फारेंसिक फील्ड यूनिट गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा था।

 

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जिले में फील्ड यूनिट गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए जहां जिले के पुलिस महकमे से एक उप निरीक्षक समेत पांच कांस्टेबल फील्ड यूनिट के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, वहीं शासन ने यूएसनगर के साथ ही हरिद्वार, नैनीताल और देहरादून को चार वैन भी दी जा चुकी है। डा.शरण ने बताया कि फील्ड यूनिट में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द ही 15 दिन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

 

विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक डाॅ.दयाल शरण ने बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए हर जिले में पुलिस फोरेंसिक फील्ड यूनिट गठित की जा रही है। इसमें पुलिस के उप निरीक्षक और कांस्टेबल शामिल होंगे। यूनिट को वैन भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वारदात के बाद साक्ष्य एकत्र कर अपराधियों को सजा दिलाई जा सकेगी।

 

ऐसे काम करेगी टीम

जिले में कहीं भी घटना होने पर संबंधित थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी एसएसपी को सूचना देंगे। एसएसपी के आदेश के बाद गठित फील्ड यूनिट तत्काल घटनास्थल पर पहुंचेगी। इसके बाद फिंगर, फूट प्रिंट के साथ ही बाल, रक्त, हडडी, दांत, और हथियार आदि एकत्र करेंगे। एकत्र साक्ष्य को बाद में फील्ड यूनिट फारेंसिक लैब में ले जाकर जांच करेगी।

 

 

 

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