चम्पावत, जागरण संवाददाता : बीते अगस्त माह से मनरेगा के कार्यों का भुगतान न होने से मजदूरों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। शीघ्र मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो कामगारों का दीपावली त्योहार फीका पड़ जाएगा। पिछले दिनों आई दैवीय आपदा के कारण निर्माण कार्य बंद होने से मजदूरों को दूसरी जगह भी काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में उनके सामने दोहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है। मजदूरों के साथ ग्राम प्रधानों ने भी दीपावली से पूर्व हर हाल में मजदूरी का भुगतान करने की मांग की है।

चंपावत जिले में मनरेगा के तहत 35,661 जॉबकार्ड बने हैं। इनमें से 32 हजार कार्ड धारक मनरेगा में कार्य कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं। चम्पावत में 12637, लोहाघाट में 7726, बाराकोट में 5993 और पाटी में 9305 जॉबकार्ड धारकों में से 90 फीसदी लोग मनरेगा से जुड़े हुए हैं। 16 अगस्त 2021 से मनरेगा के कार्यों का भुगतान न होने से हजारों मजदूरों के सामने आर्थिक कठिनाई पैदा हो गई है। दीपावली का त्योहार काफी नजदीक है शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो गरीब परिवारों की दीपावली का त्योहार एकदम फीका पड़ जाएगा।

मजदूरों की हालत को देखते हुए ग्राम प्रधानों ने सरकार से शीघ्र मजदूरी का भुगतान करने की मांग की है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज तड़ागी, चम्पावत ब्लाक अध्यक्ष सुंदर सिंह नेगी, सिमल्टा के ग्राम प्रधान गिरीश पालीवाल, मौड़ा के आनंद गिरी, मौनपोखरी की नीमा देवी, भंडारबोरा की मीना कुंवर, नघान की नीमा बिनवाल, राकड़ी फुलारा की सुनीता आर्या, सिप्टी के जगत सिंह, फंूगर की संगीता आर्या, चौकी के मोहन पांडेय, पुनेठी की सुनीता देवी आदि ने बताया कि अगस्त 2021 से मनरेगा के कार्यों में मजदूरी का भुगतान नहीं होने से मजदूर तो परेशान हैं ही ग्राम प्रधानों के सामने भी कठिनाई पैदा हो गई है।

उन्होंने दीपावली से पूर्व भुगतान करने की मांग की है। चम्पावत के डीडीओ एके पंत ने बताया कि शासन स्तर से ही मनरेगा मजदूरों का ऑनलाइन भुगतान नहीं हो पाया है। इसके लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार भी किया गया है। उम्मीद है कि दीपावली से पूर्व तक मनरेगा के कार्यों का भुगतान हो जाएगा।

Edited By: Skand Shukla