जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कालीचौड़ मंदिर में एक नाबालिग की शादी की सूचना मिलने पर एक्टिव हुई पुलिस ने मौके पर पहुंच विवाह रूकवा दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों के लोगों को थाने लाया गया। मामले में लड़की के माता-पिता समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

गौलापार के बागजाला में एक व्यक्ति बंटाईदार का काम करता है। उसने अपनी 16 साल की बेटी का विवाह थाना फूल बेहड़ ग्राम दाउत जिला लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश निवासी 24 वर्षीय आकाश वर्मा के संग तय किया था। दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद 18 जून को कालीचौड़ मंदिर में विवाह कार्यक्रम तय हुआ। शुक्रवार को लखीमपुर खीरी से दूल्हे पक्ष के लोग भी पहुंच गए। इस बीच डॉयल 112 पर एक अजनबी ने कॉल कर पुलिस को सूचना दे दी। लोगों का कहना है कि मंदिर के आसपास या लड़की पक्ष की ओर से किसी जागरूक ने पुलिस को फोन किया था।

जिसके बाद थानाध्यक्ष काठगोदाम विमल मिश्रा टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उस समय दुल्हन को तैयार किया जा रहा था। स्वजनों से पूछताछ करने पर पहले उन्होंने बेटी की उम्र 18 साल बताई। हालांकि, आधार कार्ड या अन्य कोई उम्र से जुड़ा दस्तावेज दिखाने पर आनाकानी करने लगे। बाद में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व वन स्टाप सेंटर की टीम भी पहुंची। जिसके बाद नाबालिग की काउंसलिंग की गई। पता चला कि उसकी उम्र 16 साल है। एसओ विमल मिश्रा ने बताया कि जांच के बाद दूल्हे आकाश वर्मा, उसकी मां पुष्पा देवी, दो मामा लखपत राम और राम सागर के अलावा नाबालिग के माता-पिता पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

मंदिर समिति अध्यक्ष अर्जुन बिष्ट का कहना है कि इस घटना के बाद समिति पदाधिकारियों संग चर्चा कर तय किया गया कि अब शादी से पहले वर-वधू का आधार कार्ड लिया जाएगा। ताकि उम्र का सही पता चल सके। अभी तक लोग स्वेच्छा से रसीद कटवा विवाह कर लेते थे।

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Edited By: Prashant Mishra