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शरद विषुव का प्रभाव: 23 सितंबर से दिन छोटे और रातें लंबी होंगी, 'एरीज' के वैज्ञानिक ने बताया कारण

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:14 AM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 08:17 AM (IST)

शरद विषुव के कारण 23 सितंबर से दिन छोटे और रातें लंबी होनी शुरू हो जाएंगी, यह प्रक्रिया शीत अयनांत ...और पढ़ें

फोटो क्रेडिट सोशल मीडिया।

फोटो क्रेडिट सोशल मीडिया।

HighLights

  1. शरद विषुव 23 सितंबर को, दिन छोटे, रातें लंबी होंगी।

  2. यह प्रक्रिया 21/22 दिसंबर शीत अयनांत तक जारी रहेगी।

  3. पृथ्वी के अक्षीय झुकाव से दिन-रात व ऋतुएं बदलती हैं।

जागरण संवादाता, नैनीताल। बुधवार यानी 23 सितंबर को शरद विषुव का दिन होगा। यानी रातें लंबी होने लगेगी और दिन छोटे होने शुरू हो जाएंगे। दिनों के छोटे होने की प्रक्रिया 21/22 दिसंबर शीत अयनांत तक जारी रहेगी।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉक्टर शशिभूषण पांडेय ने बताया कि पृथ्वी के अपने अक्ष में झुकाव के कारण दिन और रात के समय में अंतर आता है, जो पूरे वर्ष चलता है। 

अब बुधवार को सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगा और इसके बाद दक्षिण की ओर खिसकना शुरू हो जाएगा। यानी उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने लगेंगे और दक्षिणी गोलार्ध में रातें छोटी और दिन लंबे होने लगेंगे।

उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने की प्रक्रिया 21/22 दिसम्बर तक जारी रहेगी। इसके बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि पुनः लंबी होनी शुरू हो जाएगी।

मौसम में देखने को मिलता है बदलाव

डॉक्टर शशिभूषण पांडेय ने बताया कि पृथ्वी के अपने अक्ष में झुके होने के कारण दिन रात छोटे बड़े ही नहीं होते बल्कि ऋतुओं में भी परिवर्तन आता है। पृथ्वी के अपने अक्ष में 23.5 डिग्री झुका होना अपने आप में पृथ्वीवासियों के लिए वरदान है। जिस कारण विभिन्न ऋतुएं हर वर्ष आती हैं और विभिन्न मौसम देखने को मिलते हैं।

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अब सूर्य की किरणें उत्तरी गोलार्ध में तिरछी पड़ने लगेगी

बहरहाल अब सूर्य की किरणें उत्तरी गोलार्ध में तिरछी पड़ने लगेगी और ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध में सूर्य की किरणे सीधी पड़नी शुरू हो जाएंगी और गर्मी का मौसम शुरू हो जाएगा।