दीप चंद्र बेलवाल, हल्द्वानी। कुमाऊं में पुलिस अब गैंगस्टर एक्ट को हथियार बनाने जा रही है। इसी हथियार से बदमाशों का आर्थिक साम्राज्य ध्वस्त किया जाएगा। राज्य गठन के 21 साल में पहली बार पुलिस अपराधियों की संपत्ति के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। 
एक से अधिक बदमाशों का समूह गैंगस्टर के दायरे में आ जाता है। बदमाशों की आपराधिक गतिविधियां बढऩे पर पुलिस गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करती है। थाना स्तर से बदमाशों की रिपोर्ट चार्जशीट के साथ डीएम को भेजी जाती है। डीएम की अनुमति के बाद गैंगस्टर लगता है। कुमाऊं परिक्षेत्र में गिरोहबंद बदमाशों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इन्हें काबू में करने के लिए पुलिस गैंगस्टर एक्ट को अमल में ला रही है। पुलिस अब अपराधियों के अर्थ तंत्र पर वार करने जा रही है। यूपी की तर्ज पर कुमाऊं में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के आरोपितों की संपत्ति के ध्वस्तीकरण व जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जल्द मिलने वाली जमानत के लिए सख्त कदम उठाएगी। 
वर्षवार कितने लोगों पर लगा गैंगस्टर
वर्ष     अपराधी 
2019   29 
2020   32
2021   38
148 पर गुंडा एक्ट में कार्रवाई 
अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। हालांकि वर्ष 2019 में सबसे अधिक अपराधियों पर गुंडा एक्ट लगा था। अब तक पुलिस ने 148 लोगों पर यह कार्रवाई की है। वर्ष 2020 में 106 लोगों पर गुंडा एक्ट लगा था।  
हत्या का ग्राफ घटा, चोरी बढ़ी
कुमाऊं में हत्या का ग्राफ घटा है। जनवरी से अक्टूबर तक 56 लोगों की हत्या हुई। इससे पहले वर्ष 2019 में 88 व वर्ष 2020 में 57 लोगों की हत्या हुई थी। इसी तरह चोरी के मामले साल-दर-साल बढ़ गए। वर्ष 2019 में चोरी के 223, वर्ष 2020 में 224 व वर्ष 2021 में 332 मामले दर्ज किए गए हैं।    
डीआइजी डा. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि गैंग बनाकर अपराध करने वालों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा रही है। इस एक्ट को अब और प्रभावी किया जा रहा है। गैंगस्टर एक्ट से बदमाशों को सीधे आर्थिक चोट पहुंचाई जाएगी। इनकी संपत्ति के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Prashant Mishra