जासं, हल्द्वानी : तापमान में पिछले सप्ताह से जारी गिरावट रिकार्ड स्तर तक पहुंच गई है। रविवार को हल्द्वानी का न्यूनतम पारा 3.9 डिग्री व मुक्तेश्वर का 1.7 डिग्री पहुंच गया। दोनों जगहों पर पिछले आठ वर्षो में नवंबर का यह सबसे कम तापमान है। तापमान में गिरावट के साथ ठंड में बढ़ोतरी होने लगी है। इससे पहले 2012 में नवंबर सर्वाधिक सर्द रहा था।

समूचे कुमाऊं में इस समय जबरदस्त ठंड पड़ रही है। तराई-भाबर में तो पिछले एक सप्ताह से तापमान सामान्य से तीन से पांच ंिडग्री तक कम बना हुआ है। रविवार की ठंड ने पिछले आठ वर्षो का रिकार्ड तोड़ दिया। हल्द्वानी का तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे पहुंच गया। मुक्तेश्वर में पारा सामान्य से तीन डिग्री कम है। गिरते तापमान से रातें काफी सर्द होने लगी हैं। इसकी वजह से शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं। पिथौरागढ़, बागेश्वर में हिमपात के आसार

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले दो-तीन दिन तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। उत्तराखंड में वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंच गया है। यदि यह मजबूत होता है तो पिथौरागढ़, बागेश्वर जिलों में इसका असर दिखाई देगा। जिसके प्रभाव से 23 से 25 नवंबर के दौरान दोनों जिलों के ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की वर्षा या हिमपात होने की संभावना है। दो कारणों से बढ़ी ठंड

मौसम विज्ञानी डा. आरके सिंह ने बताया कि इस समय हवा का रुख दक्षिण व दक्षिण पश्चिम से बदलकर उत्तर व उत्तर पश्चिम हो गया है। जिससे हवा अपने साथ ठंड लेकर आ रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण भी मौसम में ठंडक बढ़ गई। पिछले नवंबर का न्यूनतम तापमान

वर्ष हल्द्वानी मुक्तेश्वर

2019 8.2 (30) 2.3 (29)

2018 7.1 (17) 2.8 (04)

2017 4.2 (23) 4.3 (23)

2016 6.9 (17) 4.7 (15)

2015 9.0 (18) 4.7 (07)

2014 5.0 (24) 3.5 (23)

2013 5.8 (18) 2.2 (09)

2012 3.5 (27) 0.6 (30)

(नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में। तापमान के आगे नवंबर की तारीख है।)

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