जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निहारिका गुप्ता ने डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। विधिक साक्षरता शिविर में उन्होंने लोगों को तेजाब हमले के संबंध में जानकारी दी और कहा कि बाजार में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को तेजाब नहीं बेचा जाना चाहिए।

सचिव निहारिका ने तेजाब से महिलाओं पर हो रहे हमले के कारण और उसके दुष्परिणाम के बारे में बताया। कहा, इस तरह की घटना केवल शारीरिक अंग को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि आजीवन मानसिक रूप से भी घायल कर देती है। कई बार महिलाएं अपना जीवन समाप्त कर देती हैं। विधिक साक्षरता के तहत पीड़ितों को विधिक सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, पुर्नवास सेवा, पर्याप्त क्षतिपूर्ति व अन्य लाभ मिलने के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि अगर कोई दुकानदार व केमिस्ट किसी भी प्रकार के एसिड या ऐसे किसी पदार्थो को बेचता है तोउसे इस संबंध में रजिस्टर व लॉगबुक बनानी चाहिए। इसमें खरीददार का नाम और खरीदने वाली की मात्रा के बारे में जिक्र होना चाहिए। साथ ही खरीदने का कारण भी लिखा होना चाहिए। ध्यान रहे कि खरीदने वाले की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। शिविर में वन स्टॉप सेंट की एडमिनिस्ट्रेटर सरोजनी जोशी के अलावा नीमा जोशी, किरण पंत आदि शामिल रहे। भरण-पोषण कानून से अवगत हुए वरिष्ठ नागरिक तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण हल्द्वानी की ओर से सोमवार को आरके बैंक्वेट हॉल कठघरिया में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सिविल जज नेहा कुशवाहा ने वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण, घरेलू ¨हसा आदि से संबंधित कानूनों के बारे में जानकारी दी।

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