नैनीताल, जेएनएन : जिला जज एवं विशेष सत्र न्यायाधीश भ्रष्टïाचार निवारण राजीव खुल्बे की कोर्ट में बहुचर्चित एनएच-74 मुआवजा घोटाले के तमाम आरोपितों के गैरहाजिर रहने पर आरोप तय नहीं हो सके। मेडिकल प्रार्थना पत्र व पंचायत चुनाव ड्यूटी प्रमाण पत्र देने वाले आरोपितों को तो कोर्ट ने हाजिरीमाफी प्रदान कर दी, जबकि आरोपित ओमप्रकाश, चरण सिंह व मनदीप के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।

एसआइटी की ओर से पेश चार्जशीट में अदालत ने पाया था कि आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। अब कोर्ट ने आरोप तय करने के मामले में फैसले की अगली तिथि पहली नवंबर नियत की है।

घोटाले की जांच कर रही एसआइटी अब तक पूर्व एसएलओ डीपी सिंह समेत एसडीएम भगत सिंह फोनियां, पेशकार संजय चौहान, अनुसेवक रामसमुज, संग्रह अमीन अनिल कुमार, तहसीलदार रहे मदन मोहन पलडिय़ा, रिटायर्ड तहसीलदार भोले लाल, पेशकार विकास कुमार, एसडीएम अनिल कुमार व नंदन सिंह नग्नयाल, तहसीलदार रहे मोहन सिंह, पेशकार संतराम, चकबंदी अधिकारी अमर सिंह, गणेश, एडीएम तीरथपाल के अलावा बिचौलिये जीशान, काश्तकार चरन सिंह, ओमप्रकाश, डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार, विक्रमजीत सिंह, मनदीप सिंह, हरजिंदर सिंह, दिलबाग सिंह व हीरा लाल के खिलाफ भ्रष्टïाचार निरोधक अधिनियम के अलावा धोखाधड़ी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट दायर कर चुकी है।

डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि गुरुवार को कोर्ट ने मेडिकल व चुनाव ड्यूटी वाले आरोपितों को हाजिरीमाफी प्रदान कर दी, जबकि तीन आरोपितों ओमप्रकाश, मनदीप सिंह व चरण सिंह के खिलाफ एनबीडब्लू जारी कर दिया। अगली सुनवाई पहली नवंबर नियत की है।

Posted By: Skand Shukla

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