जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : एक ही परिवार के चार लोगों की गला रेतकर हुई हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है। हत्या डकैती के मकसद से की गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन हत्यारोपितों को गिरफ्तार कर लूटे गए 35 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। साथ ही हत्या में प्रयुक्त कार भी बरामद की गई है। फरार हत्यारोपित की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए तीनाें हत्यारोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

डीआइजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि बुधवार को ग्राम सिद्दा के देवहा नदी किनारे दो युवकों के शव मिले थे। इस दौरान उनकी पहचान अंकित रस्तोगी उर्फ अजय पुत्र  शिवशंकर रस्तोगी और उसके ममेरे भाई उदित रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी के रूप में हुई थी। इस दौरान पता चला कि मृतक अंकित के घर में भी स्थिति संदिग्ध है, जिस पर नानकमत्ता पुलिस मृतक के घर पहुंची तो अंदर अंकित रस्तोगी की माता आशा देवी पत्नी शिवशंकर रस्तोगी और उसकी नानी सन्नो देवी के शव भी बरामद हुए थे। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्या के पर्दाफाश के लिए एसपी सिटी ममता बोहरा, एसपी क्राइम हिमांशु वर्मा, सीओ खटीमा भूपेेंद्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में 20 टीमोें का गठन किया था। डीआइजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस दौरान मृतक अंकित रस्तोगी के सगे संबेधी व दोस्तों के साथ ही कई संदिग्धों से पूछताछ कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

इस दौरान मिले साक्ष्यों के तार से तार जोड़ते हुए पुलिस सोमवार को तीन आरोपितों को धर दबोचा। इस दौरान उन्होंने लूट के मकसद से हत्या की बात कबूल करते हुए अपना नाम नानकमत्ता, गुरुद्वारा रोड निवासी रानू रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी, रुद्रपुर, सुभाष कालोनी निवासी विवेक वर्मा पुत्र ओमप्रकाश वर्मा और मुकेश शर्मा उर्फ राहुल रस्तोगी पुत्र तुलसी राम बताया। बताया कि उनका चौथा साथी सिंह कालोनी खटीमा निवासी सचिन सक्सेना पुत्र राजकुमार सक्सेना है। पकड़े गए हत्यारोपितोें के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त आला कत्ल, वाहन कार वैगनआर और लूटे गए 35 हजार की नकदी बरामद की।

इसलिए की हत्या

हत्यारोपितों ने बताया कि अंकित रस्तोगी कबाड़ की दुकान चलाने का काम करता था। करीब एक माह पूर्व मृतक अंकित रस्तोगी ने सुनार की दुकान 30-40 लाख रुपये की लागत लगाकर खोली थी। हत्यारोपित रानू रस्तोगी मृतक अंकित रस्तोगी का मित्र था जो कि लगातार उसके संपर्क में रहता था। रानू का अंकित के घर में आना जाना व घर की स्थिति से बखूबी वाकिफ था। बताया कि इस दौरान रानू रस्तोगी की मुलाकात सचिन सक्सेना से हुई जो कि शातिर किस्म का गैंगस्टर अपराधी है। इस पर दोनों ने अपने दो अन्य साथी विवेक वर्मा, मुकेश वर्मा के साथ मिलकर आपराधिक षड़यंत्र रचा।

उन्होंने 28 दिसंबर को डकैती करने के उद्देश्य से मृतक अंकित रस्तोगी व उदित रस्तोगी को किसी बहाने से घर से बाहर बुलाकर देवहा नदी के किनारे ले जाकर डंडे व रॉड से वार करते हुए घायल कर दिया। जिसके बाद उन्होंने सर्जिकल ब्लेड से अंकित व उदित रस्तोगी के गले रेतकर निर्मम हत्या कर दी। बताया कि बाद में वह मृतक के घर पर पहुंचे और अंकित की मां आशा देवी और नानी सन्नो देवी की भी हंसिए से गला रेतकर हत्या कर दी। बाद में दुकान से करीब 40 हजार रुपये लूट कर ले गये। इस दौरान वह दुकान में रखे लॉकर खोल नही पाये और मौके से फरार हो गये।

Edited By: Prashant Mishra