जागरण संवाददाता, नैनीताल: द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस प्रीतू शर्मा की अदालत ने चरस तस्करी में दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 12 साल कठोर कारावास व एक लाख दस हजार जुर्माना लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर आठ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा के अनुसार 12 दिसंबर 2013 को काठगोदाम पुलिस के एसआइ लक्ष्मण सिंह व सिपाहियों को चेकिंग के दौरान भीमताल रोड क्षेत्र में सेंट्रो कार आती दिखाई दी। पुलिस को देख कार रोक दी और वापस भीमताल रोड की तरफ मोड़ने लगा, शक होने पर पुलिस ने अपने वाहनों के माध्यम से कार को रोक लिया।

पूछताछ में एक ने अपना नाम प्रदीप पुत्र सुखीराम निवासी पैंग, थाना अड़ेवा, जिला जींद रहियाणा व दूसरे ने रवींद्र सिंह पुत्र बादल सिंह निवासी महिपालपुर, थाना बसंतकुंज दिल्ली बताया। दोनों के पास से पुलिस ने छह किलो 610 ग्राम चरस पकड़ी थी।

एनडीपीएस में मुकदमा दर्ज करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दोनों को पिछले साल अदालत से जमानत मिली थी। आरोपति प्रदीप फरार भी हो गया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोप साबित करने के लिए गवाह पेश किए, बचाव पक्ष की ओर से भी गवाह पेश किए गए। डीजीसी ने दलील दी कि दोनों आरोपित पहाड़ से चरस खरीदकर हरियाणा व दिल्ली में ऊंचे दामों पर बेचते थे। कोर्ट के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया।

Edited By: Skand Shukla