नैनीताल के महेश शाह ने 1929 में की थी महात्मा गांधी से मुलाकात, ताकुला में चलाया था चरखा
नैनीताल के 99 वर्षीय महेश चंद्र शाह ने 1929 में महात्मा गांधी से अपनी मुलाकात को याद किया, जब गांधी ...और पढ़ें

99 वर्षीय महेश चंद्र शाह।

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जागरण संवाददाता, नैनीताल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जब 1929 में नैनीताल आए थे तो मल्लीताल फ्लैट्स मैदान पर विशाल जनसभा हुई। वह मल्लीताल से माल रोड होते हुए खुली गाड़ी में तल्लीताल गए।
इस दौरान हजारों लोग मौजूद रहे जबकि उन्होंने नैनीताल क्लब के पास गांधी जी से मुलाकात की। उस दौर में माल रोड पर गाड़ी नहीं चलती थी, केवल गवर्नर की ही गाड़ी की अनुमति थी। यह कहना है शहर के 99 वर्षीय महेश चंद्र शाह का।
'तुम भी चलाओगे'
गांधी जब नैनीताल आए तो मेरे दादा शिवलाल साह तब नगर कांग्रेस कमेटी के सचिव थे। गांधी के साथ खुली गाड़ी में मेरे पिता ही चालक थे। पिता के साथ मैं भी ताकुला गया था। गांधी ने ताकुला में चरखा चलाया तो मुझसे भी पूछा कि तुम भी चलाओगे। गांधी जी के आदर्श व मूल्यों को आज की सरकार के साथ ही कांग्रेस भी पूरी तरह भूल गई है।
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माल रोड के समीप निवासी शाह की उम्र के अंतिम पड़ाव में भी याददाश्त गजब की है। शाह ने 1947 में लखनऊ विश्वविद्यालय से बीए, एमए व 1950 में एलएलबी किया।
शाह के पिता चिरंजी लाल भारत रत्न जीबी पंत के बेहद करीबी रहे। चिरंजी लाल जीबी पंत स्थापित नैनीताल बैंक के पहले प्रबंध निदेशक रहे। बोले जब पिता की मृत्यु हुई तो तत्कालीन मुख्यमंत्री जीबी पंत ने 16 पेज का शोक संदेश टेलीग्राम किया था। बताया कि उस दौर में सिस्टम बेहद ईमानदार था।
