जागरण संवाददाता, नैनीताल : नैनीताल की अपर मालरोड रोजाना तीन घंटे यातायात बंद नहीं किया जाएगा। राजभवन मार्ग पर पड़ी दरारों और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। डीएम ने आदेश जारी कर मालरोड में अग्रिम आदेश तक वाहनों के संचालन में प्रतिबंध समाप्त कर दिया है।

शहर के अपर मालरोड में पर्यटकों की पैदल आवाजाही को देखते हुए शाम छह बजे से आठ बजे तक दो घंटे के लिए वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। पर्यटन सीजन में डीएम ने इसमें एक घंटे की बढ़ोत्तरी कर रात नौ बजे तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी थी।

शहर में मानसून की पहली बारिश में ही भूस्खलन की घटनाएं सामने आने लगी है। राजभवन मार्ग में भी कई स्थानों पर दरारें उभर आई है। जिस कारण भूस्खलन और मार्ग दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। जिस कारण जिला प्रशासन ने मालरोड में वाहनों की आवाजाही में लगा प्रतिबंध हटा दिया है।

डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि मालरोड में प्रतिबंध हटाने के साथ ही रात में राजभवन मार्ग में वाहनों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए गए है। राजभवन मार्ग की स्थिति को देखते हुए अग्रिम आदेशों तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।

कभी भी टूट सकता है चार गांवों का संपर्क 

पिछले साल अक्टूबर में आई आपदा में ज्योलीकोट-सड़ियाताल मोटर मार्ग पर बलियानाला काजवे पर अस्थाई बनाया मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त है। जिससे चार गांवों का कभी भी संपर्क भंग हो सकता है। मंगलवार को सड़ियाताल के प्रधान हरगोविंद रावत ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है।

उन्होंने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में सड़ियाताल ढाकाखेत बकरीखोड़ के ग्राम वासियों का सड़क संपर्क टूट चुका था। प्रांतीय खंड लोनिवि ने अस्ठाई मार्ग बनाया लेकिन ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की शिकायत व अनुरोध के बाद भी स्ठाई निर्माण नहीं किया गया। 27 जून को भारी बारिश के बाद काजवे टूटने की स्थिति में आ गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से स्थाई मार्ग बनाने की मांग की है।

Edited By: Skand Shukla