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नैनीताल के आवासीय विद्यालय में पीलिया से 20 बच्चे बीमार, 30 अगस्त तक स्कूल बंद

Published: Thu, 13 Aug 2026 11:51 PM (IST)

नैनीताल के वीरभट्टी स्थित एक आवासीय विद्यालय में 20 बच्चे पीलिया से ग्रसित हो गए हैं, जिसके बाद स्कूल को 30 अगस्त तक बंद कर दिया गया है।

बच्चों के पीलिया से पीड़ित होने पर आवासीय विद्यालय बंद।

बच्चों के पीलिया से पीड़ित होने पर आवासीय विद्यालय बंद।

HighLights

  1. नैनीताल के स्कूल में 20 बच्चे पीलिया से पीड़ित।

  2. दूषित पानी की आशंका पर स्कूल 30 अगस्त तक बंद।

  3. स्वास्थ्य व जल संस्थान टीम ने नमूने लिए, जांच जारी।

जागरण संवाददाता, नैनीताल। शहर के समीपवर्ती वीरभट्टी क्षेत्र में आवासीय विद्यालय में 20 बच्चों के पीलिया से पीड़ित होने पर स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। प्रबंधन ने इसे दूषित जल का परिणाम बताते हुए एतिहातन विद्यालय में अगस्त अंत तक अवकाश घोषित कर दिया है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग व जल संस्थान की टीम ने स्कूल का मौका मुआयना कर निवासरत लोगों के रक्त के नमूने लिए। दोनों ही टीमों ने स्कूल व आसपास के क्षेत्रों से जांच के लिए पानी के नमूने भी भरे।

बुधवार को इंटरनेट मीडिया पर दूषित पानी की सप्लाई होने से पार्वती प्रेमा जगाती स्कूल के बंद होने व आसपास के ग्रामीणों को जल जनित बीमारी होने की खबर प्रसारित हो रही थी। हालांकि स्कूल प्रबंधन का दावा था कि स्कूल रक्षा बंधन त्योहार को लेकर बंद किया गया है।

सूचना प्रसारित होने के बाद सीएमओ डॉ. रश्मि पंत के निर्देशों पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पीपीजे स्कूल परिसर पहुंची। जहां पूछताछ में स्कूल प्रबंधन ने दूषित पानी से स्कूली बच्चों के बीमार होने की जानकारी दी।

सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि प्रधानाचार्य ने बातचीत में बताया कि बीते चार अगस्त को स्कूल में एक बच्चा जल जनित बीमारी से ग्रसित हुआ था। जिसके बाद दस अगस्त तक 20 बच्चों में जल जनित बीमारी के लक्षण पाये गए।

आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दिये बिना 11 अगस्त को स्कूल 30 अगस्त तक बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने निजी प्रयोगशालाओं से संबंधित बच्चों के रक्त की जांच कराई है।

मौके पर गई टीम सभी बच्चों की जांच रिपोर्ट तो नहीं जांच पाई, लेकिन जो कुछ रिपोर्ट टीम को दिखाई गई उसमें बच्चों के पीलिया से पीड़ित हाेने की पुष्टि हुई है। स्कूल परिसर में निवासरत स्टाफ के रक्त के नमूने व परिसर से पेयजल के नमूने एकत्रित किये गए है।

जल संस्थान ने छह स्थानों से भरे नमूने

जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई सुबह ही विभागीय टीम को लेकर विद्यालय परिसर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि स्कूल में राजभवन टेंक से ही पानी की आपूर्ति की जाती है।

जिससे स्कूल ही नहीं, राजभवन, तल्लीताल, कृष्णापुर क्षेत्र भी जुड़े हुए है। यदि मुख्य पेयजल लाइन से समस्या होती तो अन्य क्षेत्रों में भी लोगों के बीमार पड़ने के मामले सामने आते। हालांकि एहतियात के तौर पर स्कूल के भीतर के टेंक साफ किये जा रहे है।

पेयजल लाइन में बीच में कही लीकेज तो नहीं है, इसकी जांच की जा रही है। स्कूल के भीतर से तीन व आसपास के ग्रामीण तीन क्षेत्रों से पानी के नमूने लिए गए है। जिनकी लैब में जांच के बाद ही पेयजल के दूषित हाेने की पुष्टि हो सकेगी।

स्कूल में एक सप्ताह में 20 बच्चे पीलिया से ग्रसित होने से स्थिति पैनिक हो गई थी। जिस कारण स्वास्थ्य विभाग को भी सूचना नहीं दी जा सकी। स्थिति और न बिगड़े इस कारण स्कूल को 30 अगस्त तक बंद कर दिया गया है। इस अवधि में पानी के टेंक की सफाई व अन्य रोकथाम कार्य करा लिए जायेंगे। -डॉ. सूर्य प्रकाश, प्रधानाचार्य पार्वती प्रेमा जगाती, सरस्वती विहार वीरभट्टी नैनीताल।

स्कूल में निवासरत लोगों के रक्त से नमूने लिए गए है। साथ ही पानी के सेंपल लेकर जांच को भेजे गए है। जांच रिपोर्ट से ही पानी की गुणवत्ता व संभावित संक्रमण के स्रोत का आकलन हो सकेगा। क्षेत्र में जल जनित बीमारी की रोकथाम को लेकर विभागीय टीम की ओर से जागरुकता अभियान भी चलाया गया है। -डॉ. रश्मि पंत सीएमओ नैनीताल।

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