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मसूरी पर बढ़ती आबादी और पर्यटकों का दबाव, हाईकोर्ट ने कहा- भार वहन क्षमता के मामले में मुख्य सचिव नौ माह में दें जवाब

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:02 AM (IST)

मसूरी की बढ़ती आबादी और पर्यटकों के दबाव पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को मुख्य सचिव को प्रत्यावेदन देने का निर्देश दिया है।

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जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाईकोर्ट ने मसूरी में तेजी से बढ़ती आबादी, पर्यटकों के भारी दबाव और अनियंत्रित बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर दायर याचिका को निस्तारित कर दिया है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में अपना प्रत्यावेदन मुख्य सचिव को देने व मुख्य सचिव को नौ माह में निर्णय देने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।

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इसमें कहा गया है कि वर्ष 2000 में मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग साढ़े आठ लाख थी, जो वर्ष 2019 में बढ़कर 30 लाख तक पहुंच गई, जबकि शहर में वाहन खड़ा करने की आधिकारिक क्षमता बेहद सीमित है।

राजपुर रोड, किमाड़ी मार्ग, नए सड़क प्रोजेक्ट और प्रस्तावित रज्जु मार्ग (रोपवे) जैसी परियोजनाओं के कारण बड़े पैमाने पर वृक्षों के कटान तथा यातायात, पेयजल, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार वह अपने सुझाव, डेटा और चिंताएं मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के पूर्व निर्देशों पर मसूरी के संदर्भ में तैयार की गई रिपोर्ट और उसके आधार पर उठाए गए कदमों को भी इस भावी योजना में शामिल किया जाएगा।