संवाद सूत्र, अल्मोड़ा : पहाड़ में 'रेड कॉरिडोर' की साजिश का अंजाम में देने जुटे माओवादी एरिया कमांडर भाष्कर पांडे उर्फ भुवन को कस्टडी रिमांड पर लिए जाने के बाद अहम राज खुले हैं। वह वृद्ध जागेश्वर क्षेत्र में खड़ी चढ़ाई पर गुफानुमा हरिया टॉप में अपना कैंप चलाता था। पुलिस की पहुंच से दूर उसी 'हाइड आउट' दुरूह गोपनीय पहाड़ी से कुमाऊं में माओवादी गतिविधियों का संचालन व नए सिरे से संगठन खड़ा करने के लिए रणनीतिक केंद्र के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। उसकी निशानदेही पर उत्तर भारत में 'थ्री यू सेक' की माओवादी सोच को मुकाम देने को लाल झंडे, दराती आदि बरामद किए गए हैं।

बीती 13 सितंबर को कप्तान पंकज भट्ट के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने 20 हजार के इनामी माओवादी एरिया कमांडर भाष्कर पांडे उर्फ भुवन पुत्र शिवानंद को गिरफ्तार किया था। भनोली तहसील के भगरतोला गांव (धौलादेवी ब्लॉक) निवासी यह शातिर माओवादी तरुण व मनीष पांडे के नाम से भी खाकी को गच्चा दे अपना संगठन चला रहा था। विवेचना अधिकारी सीओ तपेश कुमार की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए जाने की अनुमति दी थी। रविवार को पुलिस ने माओवादी एरिया कमांडर भाष्कर पांडे की निशानदेही पर वृद्ध जागेश्वर से करीब तीन किमी दूर खड़ी चढ़ाई पर गुफानुमा हरिया टॉप का खुलासा हुआ। इस दुरूह पहाड़ी पर राजस्व तो दूर पुलिस कर्मी भी नहीं पहुंच सकते थे। यहां भाष्कर गोपनीय मीटिंग कर माओवादी संगठन की अगली रणनीति तैयार करता था।

महीनों का राशन किया था स्टॉक

हरिया टॉप की निर्जन पहाड़ी पर माओवादी एरिया कमांडर ने लंबे समय तक छिप कर जिंदा रहने के लिए राशन का पुख्ता जुगाड़ किया था। जमीन में दफन किया गया राशन, स्लीपिंग बैग, कम्युनिस्ट पार्टी के लाल झंडे, दराती, बर्तन आदि मिले। वहीं पूछताछ में माओवादी एरिया कमांडर ने 2017 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार को द्वाराहाट, सोमेश्वर आदि क्षेत्रों में जनयुद्ध छेडऩे को तंत्र विरोधी पोस्टर लगाए जाने की बात भी स्वीकारी।

Edited By: Skand Shukla