जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: गोरापड़ाव के पूनम पांडे हत्याकांड के मामले में अस्पताल में भर्ती पूनम की अर्शी पांडे से पूछताछ का वीडियो वायरल होने पर एलआइयू दारोगा पर गाज गिरी है। एसआइटी की जांच टीम में शामिल महिला दारोगा को इस घटना की जांच से हटा दिया गया है। वहीं एसएसपी ने अर्शी के बयान का वीडियो लीक होने की जांच सीओ हल्द्वानी को सौंपी है।

गोरापड़ाव निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी लक्ष्मी दत्त पांडे की पत्‍‌नी पूनम पांडे की बदमाशों ने दो सप्ताह पूर्व बेरहमी से हत्या कर दी थी। बदमाश पूनम की बेटी अर्शी को गंभीर रूप से घायल कर गए थे। उसके बाद से अर्शी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। हाई कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच एसआइटी को सौंपी गई है। एलआइयू में तैनात महिला दारोगा आरती पोखरियाल भी जांच टीम में शामिल थीं। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के मुताबिक महिला दारोगा की ड्यूटी अस्पताल में लगाई गई थी। वहीं, सोशल मीडिया में अर्शी से पूछताछ का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया। वीडियो उस समय का था जब जांच पुलिस के पास थी। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव की ओर से इस संबंध में एसएसपी को भेजी गई रिपोर्ट में आरती पोखरियाल को हटाने की संस्तुति की गई थी। इस रिपोर्ट के बाद महिला दारोगा को जांच से बाहर कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में लगी है कि पूछताछ का वीडियो कैसे सोशल मीडिया में वायरल हुआ। किन गु्रपों में इसे डाला गया। इसकी जांच का जिम्मा सीओ डीसी ढौंडियाल को दिया गया है। बगैर जांच के कुछ कहा नहीं जा सकता

एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि वीडियो किसने वायरल किया, इस बारे में बगैर जांच के कुछ कहा नहीं जा सकता। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एलआइयू दारोगा को एसआइटी जांच टीम से हटाया गया है।

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