यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मांगती के पास दरकी चट्टान, चीन सीमा तक जाने वाला लिपुलेख मार्ग बंद
चट्टान दरक जाने से तवाघाट- गर्बाधार- लिपुलेख मार्ग बंद हो चुका है। मार्ग बंद होने से चीन सीमा से लगे ...और पढ़ें

धारचूला, जागरण संवाददाता : मांगती के पास चट्टान दरक जाने से तवाघाट- गर्बाधार- लिपुलेख मार्ग बंद हो चुका है। मार्ग बंद होने से चीन सीमा से लगे व्यास घाटी आने जाने वाले वाहन देर शाम तक फंसे रहे। बीअारओ मलबा हटाने में जुटा है, लेकिन देर शाम तक यातायात को बहाल नहीं किया जा सका था।
शनिवार पूर्वाह्न तवाघाट-गर्बाधार- लिपुलेख मार्ग पर गर्बाधार के निकट मांगती के पास विशाल चट्टान दरक गई और भारी मात्रा में मलबा सड़क पर गिर गया। इसी के साथ मार्ग आवाजाही के लिए बंद हो गया। इस स्थान के निकट बीते दिनों भारी चट्टान के दरक कर बुलडोजर मशीन में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसी स्थान के निकट शनिवार को भी मार्ग चौड़ीकरण कार्य के दौरान चट्टान दरक गई।
सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण इस मार्ग पर उच्च हिमालयी गांवों के ग्रामीण, सेना, अद्र्धसैनिक बल, बीआरओ के लोग आवाजाही करते हैं। मार्ग बंद होने के कारण धारचूला से कोविड किट लेकर व्यास घाटी को जा रही टीम भी फंस गई। बीआरओ ने शाम चार बजे तक मार्ग खोलने का दावा किया था, परंतु शनिवार शाम तक मार्ग खुलने की कोई सूचना तहसील मुख्यालय तक नहीं पहुंची है। बीआरओ मलबा हटाने में जुटा है।
