जागरण संवाददाता, नैनीताल : शहर से 16 किमी दूर ज्योलीकोट क्षेत्र में नाले के समीप तार में फंसे गुलदार को वन कर्मियों ने बमुश्किल रेसक्यू करने में सफलता हासिल की। इस दौरान हमले में एक वनकर्मी घायल भी हो गया। उसका ज्योलीकोट अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। फिलहाल गुलदार को रेसक्यू सेंटर रानीबाग ले जाया गया है। मादा गुलदार की आयु करीब पांच साल है।

सोमवार दोपहर एक बजे वन विभाग को ज्योलीकोट से करीब दो किमी दूर जंगल में मनोरा रेंज अंतर्गत नलेना कम्पाट में नाले के समीप एक गुलदार फंसे होने की सूचना मिली। सूचना पर डिप्टी रेंजर आनंद लाल, संविदा वन कर्मी डीएल साह समेत अन्य मौके पर पहुंचे। जैसे ही टीम ने जाल में उसे फंसाने का प्रयास किया तो एकाएक उसके पैर व पेट में फंसा तार निकल गया तो गुलदार साह पर झटपने को आया। साह ने हिम्मत दिखाते हुए उसे वहीं पर दबा दिया तो अन्य ने उसे जाल में कैद कर लिया। सूचना पर चिडि़याघर से रेंजर प्रकाश जोशी व चिकित्सक डॉ. योगेश भारद्वाज भी पहुंच गए। ट्रेंकुलाइज करने के बाद उसे रानीबाग रेसक्यू सेंटर ले जाया गया। डिप्टी रेंजर आनंद ने बताया कि गुलदार पूरी तरह स्वस्थ है। वह बाड़ के लिए लगाए गए तार में फंस गया था। तार उसके पैर व पेट में उलझ गया था।

नरभक्षी होने से किया इन्कार

बल्दियाखान क्षेत्र में गुलदार एक बच्ची को उठा ले गया जबकि दूसरे युवक पर हमला बोल जख्मी कर दिया था। डिप्टी रेंजर ने गुलदार के नरभक्षी होने से साफ इन्कार किया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सोमवार सुबह गांव के युवा नदी में नहाने जा रहे थे तो उन्हें गुलदार फंसा दिखा था।

Posted By: Jagran

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