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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

घात लगाए बैठे गुलदार ने युवक पर किया हमला, शोर मचाने पर बची जान

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Fri, 01 Feb 2019 04:44 PM (IST)Updated: Sat, 02 Feb 2019 08:52 PM (IST)

पर्यटक नगरी के आसपास के गांवों में गुलदार की धमक तेज हो गई है। बीती रात गुलदार ने ग्रामीण पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

घात लगाए बैठे गुलदार ने युवक पर किया हमला, शोर मचाने पर बची जान
घात लगाए बैठे गुलदार ने युवक पर किया हमला, शोर मचाने पर बची जान

रानीखेत, जेएनएन : विकासखंड की मोवड़ी ग्राम पंचायत के भुइना तोक में ग्रामीण का हौसला उसे गुलदार के जबड़े से बचा ले गया। पैदल रास्ते पर गुलदार के अचानक हमला करने पर ग्रामीण ने हिम्मत के साथ न केवल पांच से दस मिनट तक संघर्ष किया बल्कि चीख पुकार मचा गांव वालों को भी मदद के लिए बुलवा लिया। इस दरमियान गुलदार ने उसके दाएं हाथ को जख्मी भी कर दिया।
मामला बीती गुरुवार शाम का है। पर्यटन नगरी स्थित खड़ी बाजार में प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाला भुइना गांव निवासी गौरी सिंह गांव के लिए रवाना हुआ। वह पैदल रास्त से होकर आबादी के बीच पहुंचा ही था कि लोक देवता कलबिष्टï के मंदिर के पास घात लगाए बैठा गुलदार झपट पड़ा। अचानक हुए हमले से पहले तो गौरी सिंह घबरा गया। इसी घबराहट में उसने कंधे में टंगा बैग गुलदार पर दे मारा। इससे गुलदार कुछ पीछे हटा तो ग्रामीण की हिम्मत बढ़ती गई। साथ ही उसने चीख पुकार मचा गांव वालों को मदद के लिए बुलाया। मौके की ओर दौड़े प्रधान भजन सिंह रावत व अन्य लोगों ने बताया कि गुलदार ने चार पांच बार हमला किया। गौरी सिंह का हाथ जबड़े में दबोच लिया। मगर ग्रामीणों के शोर मचाने व गौरी के साहस दिखाने पर वह उसे छोड़ जंगल की ओर निकल गया।

रेंजर से मिले ग्रामीण, पिंजड़ा लगाने की मांग
ग्राम प्रधान भजन सिंह के साथ ग्रामीण शुक्रवार को रेंज अधिकारी उमेश पांडे से मिले। बताया कि पिछले वर्ष भी गुलदार ने माधव राम पर हमला कर घायल कर दिया था। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजड़ा लगाने पर जोर दिया। ताकि हिंसक हो रहे गुलदार को कैद कर दूर जंगल या तेंदुआ आवास अल्मोड़ा पहुंचा निजात दिलाई जा सके। 

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