विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड के कुमाऊं में साइबर ठगी का जाल, 18 राज्यों तक जुड़े तार

Published: Sat, 24 Oct 2026 09:12 AM (GMT+05:30)

कुमाऊं में साइबर ठगी का जाल तेजी से फैल रहा है, जिसके तार देश के 18 राज्यों तक जुड़े हैं।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी/रुद्रपुर। कुमाऊं में साइबर ठगी का जाल लगातार फैल रहा है। औद्योगिक नगरी ऊधम सिंह नगर से लेकर पर्यटन नगरी नैनीताल तक साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं।

ऊधम सिंह नगर में वर्ष 2026 में अब तक 335 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। यहां साइबर ठगी के मामलों की जांच के तार देश के 18 राज्यों तक जुड़े मिले हैं। वहीं नैनीताल जिले में सितंबर 2026 तक 3,317 साइबर शिकायतें दर्ज हुईं और 94 से अधिक प्राथमिकी पंजीकृत की गईं। सितंबर 2025 तक जिले में 2,396 शिकायतें और 95 से अधिक प्राथमिकी दर्ज हुई थीं।

कुमाऊं के छह जिलों में वर्ष 2025 में 11,341 शिकायतें और 346 प्राथमिकी दर्ज हुईं, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 10,516 शिकायतों पर 551 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इस साल शिकायतों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम है, लेकिन प्राथमिकी की संख्या अधिक है।

ऊधम सिंह नगर में बढ़ीं प्राथमिकी

पुलिस के अनुसार ऊधम सिंह नगर में वर्ष 2015 में साइबर अपराध की पहली प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वर्ष 2021 में 85, 2022 में 142, 2023 में 193 और 2024 में 246 प्राथमिकी दर्ज की गईं। वर्ष 2025 में 151, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 335 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं।

गिरफ्तारियों की बात करें तो वर्ष 2023 में छह, 2024 में दो, 2025 में 15 और इस साल अब तक 46 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। जांच में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ से जुड़े तार सामने आए हैं।

दूसरे राज्यों की ठगी की रकम हल्द्वानी से निकली

दूसरे राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम निकालने के मामलों में हल्द्वानी के एटीएम का इस्तेमाल भी सामने आया है। छत्तीसगढ़ में 26.78 लाख रुपये की ठगी के मामले में मुखानी के एटीएम से 60 हजार रुपये निकाले गए। पश्चिम बंगाल में 19.67 लाख रुपये की ठगी के मामले में हल्द्वानी से 20 हजार रुपये और तमिलनाडु में 3.99 लाख रुपये की ठगी के मामले में यहां से 40 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी मिली है।

नैनीताल में सितंबर तक 3,317 शिकायतें

नैनीताल जिले में सितंबर 2025 तक 2,396 साइबर शिकायतें दर्ज हुई थीं, जबकि सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 3,317 हो गई। सितंबर 2026 तक 94 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं। साइबर ठगी के मामलों में किराये पर बैंक खाते देने और एटीएम के जरिये संदिग्ध लेनदेन के मामले भी सामने आए हैं। पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है।

कुमाऊं में प्राथमिकी की संख्या बढ़ी

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, कुमाऊं के छह जिलों में वर्ष 2021 में 859 शिकायतें और 119 प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। वर्ष 2022 में 514 शिकायतों पर 50, वर्ष 2023 में 645 शिकायतों पर 58 और वर्ष 2024 में 456 शिकायतों पर 103 प्राथमिकी दर्ज की गईं। इन वर्षों में क्रमशः नौ, 38, 18 और 73 गिरफ्तारियां हुईं।

वर्ष 2025 में 11,341 शिकायतों पर 346 प्राथमिकी दर्ज हुईं, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 10,516 शिकायतों पर 551 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। वर्ष 2025 और 2026 की दी गई अवधि में कुल 345 गिरफ्तारियां की गईं। शिकायतों की संख्या के लिहाज से ऊधम सिंह नगर पहले स्थान पर है। इसके बाद नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर का स्थान है।

साइबर अपराध के मामलों को लेकर पुलिस सख्त है। सभी जिलों को शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
-डा. नीलेश आनंद भरणे, आइजी अपराध एवं कानून व्यवस्था

यह भी पढ़ें- MP में साइबर ठगी का फैलता जाल, 80 प्रतिशत धोखाधड़ी अब ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो के नाम पर

यह भी पढ़ें- कुमाऊं में साइबर ठगी का बढ़ता जाल, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल बने निशाना