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MP में साइबर ठगी का फैलता जाल, 80 प्रतिशत धोखाधड़ी अब ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो के नाम पर

By Amit MishraEdited By: Ravindra Soni
Published: Fri, 23 Oct 2026 11:09 PM (IST)

मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का तरीका बदला है, अब ऑनलाइन निवेश और क्रिप्टो करेंसी के नाम पर धोखाधड़ी के ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. 80% साइबर ठगी ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश से संबंधित।

  2. ग्वालियर में 21 करोड़, भिंड में हजारों लोग ठगी का शिकार।

  3. फर्जी मुनाफा दिखाकर ठग पैसे निकालने से करते हैं इनकार।

अमित मिश्रा, ग्वालियर। साइबर अपराधियों ने ठगी का तरीका बदल लिया लगता है। कुछ माह पहले तक फर्जी सीबीआई और ईडी अफसर बनकर डिजिटल अरेस्ट के जरिये लोगों से ज्यादा ठगी की जा रही थी। अब ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधियों द्वारा कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है।

ग्वालियर पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि पिछले नौ माह में साइबर ठगी के जो मामले दर्ज हुए, उनमें से करीब 80 प्रतिशत ठगी ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो में निवेश के नाम पर ही हुई है।

भिंड में एक हजार लोग शिकार

क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर हाल ही में मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी ठगी का मामला सामने आया। ग्वालियर के रोशनी घर रोड पर रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टो करेंसी में निवेश के जरिये ही फंसाया गया। उनके साथ 21.05 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी।

भिंड जिले में भी हजारों लोग इस फर्जीवाड़े का शिकार होकर जमा पूंजी गंवा चुके हैं। औराएक्स प्लेटफार्म के जरिये यह ठगी की गई। 40 दिन में धन दोगुना करने का लालच देकर लोगों को फंसाया गया। एक हजार से ज्यादा लोग अकेले भिंड में ही ठगे गए हैं।

स्क्रीन पर दिखता है मुनाफा, रकम निकालने पर खुलती है पोल

ठगों का काम करने का तरीका शातिराना होता है। पीड़ितों को फर्जी ऑनलाइन प्लेटफार्म, एप और वेबसाइट से जोड़ा जाता है। जब पीड़ित रुपये निवेश करता है, तो उसे स्क्रीन पर फर्जी ग्राफ और तेजी से बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता है। जब उसे लगता है कि उसकी कमाई हो रही है, तो वह अधिक रकम जमा कर देता है।

फर्जीवाड़े का राजफाश तब होता है, जब पीड़ित रुपये निकालने की कोशिश करता है। इसके लिए उनसे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस व पेनल्टी के बहाने और रकम ऐंठ ली जाती है। इसके बाद ठग संपर्क तोड़ लेते हैं।

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ये सावधानियां बरतें

अनजान लिंक्स से बचें: वाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप पर मिलने वाली 'हाई रिटर्न' या 'घर बैठे कमाई' की सलाह पर भरोसा न करें।
रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म ही चुनें: किसी भी प्रकार के शेयर मार्केट या दूसरे निवेश से पहले संस्था की सेबी से मान्यता की जांच करें।
लुभावने वादों से सतर्क रहें: रातों-रात धन दोगुना करने या कम समय में अप्रत्याशित मुनाफे के दावे फर्जी होते हैं।

शिकायत दर्ज कराएं : किसी भी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करें।