विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कैंची धाम में जाम से हाहाकार, थमे पहिए... भूखे-प्यासे घटों वाहनों में कैद हजारों श्रद्धालु और पर्यटक

By Manish ShahEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sat, 03 Oct 2026 01:39 PM (IST)Updated: Sat, 03 Oct 2026 01:53 PM (IST)

कैंची धाम में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई, जिससे हाईवे पर यात्री व पर्यटक घंटों तक भूखे-प्यासे वाहनों में फंसे रहे।

यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। जागरण

यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। जागरण

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संवाद सूत्र, गरमपानी। बाबा नींब करौरी आश्रम कैंची धाम में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से सुबह से ही यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। हाईवे पर आवाजाही करने वाले यात्रियों व पर्यटकों को तमाम परेशानियों से जूझना पड़ा।

नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद की सीमा पर मालवाहक वाहनों के साथ ही यात्री व पर्यटक वाहन तथा बाईक सवारों को भी रोक लिया गया।

अव्यवस्था से परेशान लोगों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आपा खोई एक महिला ने पुलिस को खूब खरी भी सुनाई। यातायात व्यवस्था के धराशाही होने से लोग घंटों तक भूखे प्यासे वाहनों में कैद रहे।

यह भी पढ़ें- वीकेंड पर बढ़े पर्यटक तो नैनीताल में पटरी से उतरी व्यवस्थाएं, भवाली-हल्द्वानी-कालाढूंगी रूट पर वाहनों की लंबी कतार

जिम्मेदारों को कोसते रहे

शनिवार को हाईवे पर आवाजाही करने वाले लोग जिम्मेदारों को कोसते रहे। सुबह से ही जाम की स्थिति वाहनों के पहिए थमे रहे। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रहे। वाहनों के अंदर भूखे प्यासे बैठे यात्रियों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ा।

कई लोगों ने आधे रास्ते से ही वापस लौटने में भलाई समझी। अव्यवस्था से परेशान लोगों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पहाड़ से हल्द्वानी की ओर रवाना हुईं महिला ने खैरना क्षेत्र में रोक लिए जाने से पुलिस को आड़े हाथ लिया।

यह भी पढ़ें- कैंची धाम जाने से पहले देखें रूट डायवर्जन प्लान, भवाली-भीमताल में अगले तीन दिन तक रहेगा लागू

आरोप लगाया की बुजुर्ग व बच्चे वाहनों में बैठे हुए हैं पर जिम्मेदारों को कुछ लेना देना नहीं है। लोगों के समझाने के बाद बामुश्किल महिला शांत हुई। जाम से परेशान लोगों ने यातायात व्यवस्था के धराशाही होने को पुलिस प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा गहरी नाराजगी जताई।

इधर कई वाहनों के सैनिटोरियम से रातीघाट होते हुए आवाजाही करने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। यात्री व पर्यटक जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर रहे।