हल्द्वानी, जागरण संवाददाता : Indira Hridyesh Latest News : भले ही डा. इंदिरा हृदयेश कभी सीएम नहीं बन सकी, लेकिन उन्होंने सीएम का दायित्व बखूबी निभाया। जब सीएम रहते हुए एनडी तिवारी व हरीश रावत बीमार हुए थे। तब सरकार में सबसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने वाली इंदिरा ने सीएम की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया।

उत्तराखंड में हमेशा से ही राजनीतिक हलचल बनी रही। सीएम कोई भी रहा हो, पांच साल कार्यकाल पूरा कर ले ऐसी उम्मीद कम ही रहती थी। यह राजनीतिक स्थिति भाजपा व कांग्रेस, दोनों में ही रही। 2012 में जब कांग्रेस फिर से सत्ता में आई। तब वह सीएम पद की प्रबल दावेदार भी रही, लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय हाईकमान ने विजय बहुगुणा को सीएम की कुर्सी थमा दी गई। हालांकि वह भी पांच साल नहीं टिक सके।

फिर भी इंदिरा की दावेदारी बनी रही, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शामिल हरीश रावत को सीएम की कुर्सी सौंप दी गई। कांग्रेस की सरकार में चाहे सीएम कोई भी रहा, लेकिन इंदिरा का दबदबा हमेशा रहा। संसदीय कार्यों में निपुण इंदिरा का नेतृत्व तब भी दिखा, जब सीएम रहते हुए एनडी तिवारी बीमार हुए थे। उन्होंने पूरी सरकार को बखूबी चलाया। यही परिस्थिति हरीश रावत के समय भी पैदा हुई थी। रावत के समय तो परिस्थितियां और भी जटिल हो गई थीं।

राजनीतिक संकट से रावत को उबारा

जब राज्य में जबरदस्त राजनीतिक संकट आ गया था। सत्ता सेे जुड़े कैबिनेट मंत्री भाजपा में शामिल हो गए। राष्ट्रपति शासन लग गया। सत्ता हाथ से जाने की नौबत आ गई। तब भी इंदिरा ने हरीश रावत को राजनीतिक संकट से उबारने में पूरी ताकत झोंक दी थी। तब भी उन्होंने नेतृत्व क्षमता व राजनीतिक कौशल का परिचय दिया था।

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Edited By: Skand Shukla