नैनीताल, जेएनएन : द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की कोर्ट ने मानसिक कमजोर महिला के साथ चाकू की नोंक पर दुष्कर्म करने के अभियुक्त को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने शनिवार को मामले में सजा सुनाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद जेल से लाए गए अभियुक्त को फिर से जेल भेज दिया गया। मामला बेतालघाट ब्लॉक के ऊंचाकोट क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार पिछले साल 21 मई को एक व्यक्ति ने राजस्व पुलिस में तहरीर दी, जिसमें उसने कहा था कि 11 मई को वह रिश्तेदारी में गया था तो घर पर मानसिक रूप से कमजोर उसकी बहन घर पर अकेली थी। मौका पाकर अभियुक्त भगत सिंह पुत्र ईश्वर सिंह शराब के नशे में घर में घुसा और पीड़िता को अकेला पाया तो डराया धमकाया और चाकू की नोंक पर दुष्कर्म किया। चार दिन तक पीडि़ता चुप रही। जब चार दिन बाद शिकायतकर्ता घर लौटा तो पीडि़ता ने आपबीती बताई। 21 मई को आरोपित के खिलाफ धारा-376, 506 व 457 के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच उपरांत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा द्वारा आरोप साबित करने के लिए सात गवाह पेश कराए और कोर्ट से सख्त सजा की मांग की। शुक्रवार को कोर्ट ने पीडि़ता व गवाहों के बयान व अन्य सबूत के आधार पर अभियुक्त को दुष्कर्म का दोषी करार दिया। सजा पर बहस शनिवार को होगी। इनसेट कोर्ट की टिप्पणी मानसिक रूप से कमजोर महिला के साथ दुष्कर्म होने के मामलों में अभियोजन को अपने मामले को संदेह के परे साबित करना है लेकिन न्यायालय का यह कर्तव्य है कि साक्ष्य के मूल्यांकन के समय एक सामान्य व्यक्ति व मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति के साक्ष्य का मूल्यांकन का पैमाना अलग-अलग रखे। मानसिक कमजोर की सामाजिक अनुकूलता कम होती है। उसके द्वारा तथ्यों को सही तौर पर प्रतिबिंबित नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में साक्ष्य अधिनियम के विरोधाभास के सिद्धांत को कठोरता पूर्वक लागू नहीं किया जा सकता है।

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