जागरण संवाददाता, नैनीताल :  भ्रष्टाचार के मामले में अल्मोड़ा के सिविल जज सीनियर डिवीजन न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव को हाई कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मंगलवार को रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी की ओर से संबंधित आदेश जारी किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट को निलंबन अवधि में देहरादून जिला कोर्ट से संबद्ध किया गया है।

भ्रष्टाचार के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट की जीरो टॉलरेंस की कार्रवाई जारी है। अब अल्मोड़ा के न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव पर कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। उनके खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह खुद व परिवार के सदस्य चंद्रमोहन सेठी नामक व्यक्ति के निजी वाहन का उपयोग दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद जाने के लिए करते थे। हाई कोर्ट ने इसे बेहद गंभीर माना और सख्त कार्रवाई की।

दो वर्ष से अल्मोड़ा में थे तैनात

सिविल जज अभिषेक कुमार श्रीवास्तव दो वर्षों से अल्मोड़ा में तैनात थे। उनकी अदालत में धोखाधड़ी से संबंधित चंद्रमोहन सेठी के मामले की सुनवाई चल रही थी। उन्हीं की कार से घूमने का उनपर आरोप लगा है।

शिकायत का हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान

हाई कोर्ट में न्यायिक अधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव की गोपनीय शिकायत की गई थी। आरोप लगाया गया था कि वह आपराधिक मामला 40/ 2013 के अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। सिविल जज व उनके परिवार के सदस्य अभियुक्त चंद्रमोहन सेठी के वाहन का प्रयोग व्यक्तिगत कार्य के लिए कर रहे हैं। हाई कोर्ट ने तथ्यों की गोपनीय जांच कराई। प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई।

पूर्व में भी कई न्यायिक अफसरों पर कार्रवाई

नैनीताल हाई कोर्ट ने वर्ष 2019 में काशीपुर की महिला एसीजेएम अनुराधा गर्ग को भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने पर बर्खास्त कर दिया था। इसके अतिरिक्त किशोरी के उत्पीडऩ का आरोप सही पाए जाने पर हरिद्वार में तैनात महिला न्यायिक अधिकारी दीपाली शर्मा को बर्खास्त कर दिया था। वर्ष 2020 में देहरादून के जिला जज प्रशांत जोशी को एक आपराधिक मामले के आरोपित के निजी वाहन पर जिला जज का बोर्ड लगाने के आरोप में हाई कोर्ट ने सस्पेंड कर दिया था। 

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