जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : मानसून की विदाई के बाद मौसम तेजी से बदलने लगा है। नमी कम होने, पछुआ हवा चलने से दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। पाला पडऩे से रात का तापमान गिरने लगा है। कुमाऊं के कई शहरों में दिन व रात के तापमान में दोगुना का अंतर आ गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी, जुकाम, वायरल फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं।

वरिष्ठ फिजीशियन डा. नीलांबर भट्ट का कहना है कि बदलते मौसम में सेहत को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। 30 से 32 डिग्री तापमान में एयर कंडीशन (एसी) से बचना चाहिए। इस तापमान में पंखा पर्याप्त है। सुबह-शाम की ठंड को नजरंदाज करने से बचें। कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम आदि का सेवन सेहत बिगाड़ सकता है। डा. भट्ट ने बताया कि इस समय सीजनल फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं। फ्लू को जाने में सामान्य तौर पर पांच से छह दिन लग जाते हैं। यह फ्लू एक से दूसरे में फैलता है। एहतियात के तौर पर कोरोना की जांच भी करानी चाहिए।

सर्दी, जुकाम के मरीज बढ़े

मौसम में बदलाव से अस्पतालों में ओपीडी बढ़ी है। ओपीडी में सर्दी, जुकाम वाले रोगियों की संख्या अधिक है। सुशीला तिवारी अस्पताल की ओपीडी के मुताबिक 17 फीसद मेडिसिन, 10 प्रतिशत स्किन, नौ प्रतिशत नाक, कान, गला रोगियों की है। गुरुवार को सुशीला तिवारी की ओपीडी 557, बेस की 680 रही।

Edited By: Skand Shukla