नैनीताल, जेएनएन : एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले में आरोपितों पर लगे आरोपों पर सुनवाई पूरी हो गई है। घोटाले के आरोपित डीपी सिंह समेत 25 ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा है, जिसके बाद कोर्ट ने लिखित आपत्ति के लिए सभी आरोपियों को 7 जून तक का समय दिया है, जिसके बाद कोर्ट अपना निर्णय लेगा। 

बुधवार को जिला जज व विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नरेंद्र दत्त की कोर्ट में 25 आरोपितों की पेशी हुई। सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में छोटे अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने नियम के तहत उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही रिपोर्ट तैयार की। पीसीएस अधिकारियों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जो रिपोर्ट हमें मिली उसी के अनुसार ही 143 की कार्रवाई की गई है और बैक डेट में 143 की कार्रवाई करने की बात बिल्कुल गलत है। सरकार की ओर से बहस करते हुए डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह समेत अधिकारियों ने षडयंत्र के तहत कार्य किया। सभी ने मिलकर 3डी की जमीन को कृषि को अकृषि में बदल कर मुआवजा घोटाला किया। विवेचना के दौरान एक किसान ने भी बयान दिया है कि उससे ब्लैंक चेक डीपी सिंह द्वारा लिया जाता था जो पैंसा आते ही एक करोड़ उनके खाते से निकाल लिया जाता था। बयान के बाद अब सात जून को कोर्ट फिर सुनवाई करेगा।  

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Posted By: Skand Shukla

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