विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड के हल्द्वानी में नितिन नवीन के सामने फफक पड़े पूर्व सैनिक, 2000 करोड़ रुपये का है मामला

Published: Fri, 11 Sep 2026 01:57 PM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 02:15 PM (IST)

हल्द्वानी में गौरव सेनानी मिलन समारोह में पूर्व सैनिक ललित कुमार जल जीवन मिशन के बकाये भुगतान को लेकर भावुक हो गए।

हल्द्वानी में आयोजित गौरव सेनानी मिलन समारोह के दौरान पूर्व सैनिक की समस्या सुनते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी । जागरण

हल्द्वानी में आयोजित गौरव सेनानी मिलन समारोह के दौरान पूर्व सैनिक की समस्या सुनते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी । जागरण

HighLights

  1. हल्द्वानी में गौरव सेनानी मिलन समारोह में पूर्व सैनिक भावुक हुए

  2. जल जीवन मिशन के 2000 करोड़ रुपये के भुगतान लंबित हैं

  3. मुख्यमंत्री ने शीघ्र जांच और समस्या समाधान का आश्वासन दिया

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गौरव सेनानी मिलन समारोह में बुधवार को उस समय माहौल भावुक हो गया, जब हल्द्वानी निवासी पूर्व सैनिक ललित कुमार जल जीवन मिशन (जेजेएम) के बकाये भुगतान की समस्या बताते हुए रो पड़े।

नितिन नवीन का संबोधन समाप्त होते ही वे अपनी सीट से उठे और जोर-जोर से अपनी बात रखने लगे। उनकी स्थिति देखकर राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें मंच पर बुलाकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए मामले की शीघ्र जांच कराने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

यह भी पढ़ें- गोलू देवता के आशीर्वाद से उत्तराखंड में हमेशा होगा न्याय: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन

ललित कुमार ने बताया कि वे ठेकेदारी का काम करते हैं। प्रदेश में उनके जैसे बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने हर घर नल, हर घर जल योजना के अंतर्गत कार्य कराए हैं। उन्होंने कहा कि काम पूरा कराने के बावजूद उनका और अन्य ठेकेदारों का लगभग 2000 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक लंबित है।

पूर्व सैनिक ने भावुक होकर बताया कि कई ठेकेदारों ने उधार लेकर कार्य पूरे कराए थे। उन्हें उम्मीद थी कि काम पूरा होने के बाद भुगतान हो जाएगा, लेकिन बजट न मिलने से लंबे समय से राशि अटकी हुई है। इससे ठेकेदारों पर कर्ज बढ़ता जा रहा है और कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ललित कुमार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से बकाये की राशि जल्द जारी कराने की गुहार लगाई।