यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हल्द्वानी में सरकारी विभागों ने दबाया ऊर्जा निगम का एक करोड़, अब कार्रवाई करेगा पावर कारापोरेशन
बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करने वाले सरकारी विभागों पर ऊर्जा निगम शिकंजा कसेगा। कोविडकाल के डेढ़ साल बाद ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करने वाले सरकारी विभागों पर ऊर्जा निगम शिकंजा कसेगा। कोविडकाल के डेढ़ साल बाद निगम बकाएदारों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक 10 विभागों पर करीब एक करोड़ रुपये का बकाया है।
कोविड-19 संक्रमण के दौर में ऊर्जा निगम ने सभी उपभोक्ताओं को राहत दी थी। बिजली के बिलों को जमा करने में छूट दी गई थी। लोगों ने तय शर्तो के अनुसार बिल जमा करने शुरू कर दिए, लेकिन सरकारी विभागों के बिलों का भुगतान नहीं हुआ। हल्द्वानी के लगभग सभी सरकारी विभागों ने लाखों रुपये का बिल चुकाना है। डेढ़ साल से बिल जमा नहीं करने वालों को ऊर्जा निगम ने चिह्नित करना शुरू कर दिया है।
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दीनदयाल पांगती व डीएस पांगती ने बताया कि सरकारी विभागों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद बिल जमा नहीं किए तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया बिल जमा नहीं करने वालों के श्रेणी में कई लोग भी शामिल हैं। कर्मचारी उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
इन विभागों पर है बकाया
पेयजल निगम, जल संस्थान, नगर निगम, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, सिंचाई विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, होमगार्ड विभाग, लोक निर्माण विभाग आदि।
प्रीपेड मीटर लगाने से पीछे हटे विभाग
सरकारी विभाग प्रीपेड मीटर लगाने से पीछे हट गए हैं। दरअसल प्रीपेड मीटर न लगाने के बाद समय-समय पर उसे रिचार्ज करना पड़ता है। रिचार्ज होने पर ही मीटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकारी विभागों ने इसीलिए इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अधिशासी अभियंता दीनदयाल पांगती ने बताया कि शहर में किसी भी सरकारी विभाग में प्रीपेड मीटर नहीं हैं। नए भवनों में अब प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे हैं।
